सामवेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Samaveda Samhita with Hindi Translation
डा. रेखा व्यास द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 302, कुल 310 में से
संदर्भ में पढ़ेंकी धारा से हमें सींचने की कृपा कीजिए. (१२)
सातवां खंड
यदिन्द्रा्हं यथा त्वमीशीय वस्व एक इत्. स्तोता मे गोसखा स्यात्.. (१)
हे इंद्र! आप धन के एकमात्र ईश्वर हैं. हम भी आप जैसे हो जाएं तो हमारे उपासक
गायों के साथ हमारी प्रशंसा करेंगे. (१)
शिक्षेयमस्मै दित्सेय ꣲ शचीपते मनीषिणे. यदहं गोपतिः स्याम्.. (२)
हे शचीपति (इंद्र)! यदि हम गोपति हो जाएं तो अपने इन मनीषी उपासकों को धन देने
की इच्छा करें और उन्हें धन भी दें. (२)
धेनुष्ट इन्द्र सूनृता यजमानाय सुन्वते. गामश्वं पिप्युषी दुहे.. (३)
हे इंद्र! आप अपने पुत्र यजमानों को इष्ट पदार्थ गाय, घोड़े आदि प्रदान करने की कृपा
कीजिए. (३)
आपो हि ष्ठा मयोभुवस्ता न ऊर्जे दधातन. महे रणाय चक्षसे.. (४)
हे जल! आप ऊर्जा धारक व सुखदायी हैं. आप हमें संग्राम के लिए बल प्रदान करने
की कृपा कीजिए. (४)
यो वः शिवतमो रसस्तस्य भाजयतेह नः. उशतीरिव मातरः.. (५)
हे जल! मां जैसे बालक को दूध (रस) से पोसती है, उसी तरह आप अपने
कल्याणकारी रस से हमें पोसने की कृपा कीजिए. (५)
तस्मा अरं गमाम वो यस्य क्षयाय जिन्वथ. आपो जनयथा च नः.. (६)
हे जल! आप हमें पुत्रपौत्र सहित क्षयकारी रोगों को जीतने की शक्ति उपजाने की कृपा
कीजिए. (६)
वात आ वातु भेषज ꣲ शम्भु मयोभु नो हृदे. प्र न आयू ꣲ षि तारिषत्.. (७)
हे वायु! आप पधारिए. आप हमारे हृदय को खिलाइए (खुश रखिए). आप हमारे लिए
कल्याणकारी ओषधियां ले कर आइए. आप हमें दीर्घायु प्रदान कीजिए. (७)
उत वात पितासि न उत भ्रातोत नः सखा. स नो जीवातवे कृधि.. (८)
हे वायु! आप के सिवाय कोई हमारा पिता, भाई व मित्र नहीं है. आप हमारे जीवन को
सामर्थ्यवान बनाने की कृपा कीजिए. (८)
यददो वात ते गृहे ३ ऽ मृतं निहितं गुहा. तस्य नो धेहि जीवसे.. (९)
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