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सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

सचित्र ज्योतिष शिक्षा (प्रारम्भिक ज्ञान खण्ड) भाग १

Sachitra Jyotisha Shiksha (Prarambhika Gyan Khand) Vol 1

बाबूलाल ठाकुर द्वारा

स्रोत: Motilal Banarsidass Edition · Motilal Banarsidass, Delhi (उद्गम)

DevanagariHindipublished288 पृष्ठ

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दशासाधन : २६३

शुक्र महादशा की अंतर्दशा

ग्रहवर्षमासदिनइसके आगे सूर्य की महादशा आरम्भ
शनि१५८होगी। उसके अन्तर्दशा वर्ष, चक्र के अनुसार
बुध२१००ही उद्भूत कर देना और आगे महादशाओं की
केतु१२०अन्तर्दशा भी चक्र के अनुसार स्थापित
योग५५८करना।

महादशा और अन्तर्दशा का समय निकालना

जन्म सम्बत् और जन्म समय का सूर्य स्पष्ट लो और इसमें ग्रह की महादशा या अन्तर्दशा के वर्ष मास दिन आदि इसमें जोड़ते जाना तो दशा का समय (जब तक वह दशा रहेगी) निकल आयगा। जोड़ने के लिए सम्बत् में वर्ष, सूर्य की राशि में मास, अंश में दिन, कला में घड़ी और सूर्य की विकला में दशा के पल जोड़ना।

सम्बत्-वर्षसूर्य अंश=दिनइसका उदाहरण देकर
सूर्यराशि=माससूर्य कला=घड़ीनीचे समझाया है।
सूर्य विकला=पल

महादशा चक्र बनाकर उसमें जन्म का सम्बत् और जन्म समय का सूर्य स्पष्ट राशि अंश कला विकला जोड़ना पड़ता है।

उदाहरण में सूर्य स्पष्ट नहीं निकाला। सूर्य की केवल राशि अंश ज्ञात है, इससे केवल राशि अंश लिया है। कला विकला ज्ञात न होने से छोड़ दिया है।

| सम्बत् | सूर्यराशि | अंश | | २०१६ | १० | २३
---|---|---|---|---|---|---|---
जन्म समय | १९९५ | ५ | १५ | +मंगल महा के | ७ | ० | ०
शुक्र महादशा वर्ष | ५ | ५ | ८ | तक मंगल = | २०२३ | १० | २३
=तक शुक्र= | २००० | १० | २३ | +राहु महा. के | १८ | ० | ०
+सूर्य महा. के | ६ | ० | ० | तक राहु= | २०४१ | १० | २३
तक सूर्य= | २००६ | १० | २३ | +गुरु म. के | १६ | ० | ०
+चन्द्र महा. के | १० | ० | ० | तक गुरु= | २०५७ | १० | २३
तक चन्द्र= | २०१६ | १० | २३ | +शनि म. के | १९ | ० | ०
| | | | तक शनि | २०७६ | १० | २३
| | | | +बुध. के | १७ | ० | ०
| | | | तक बुध= | २०९३ | १० | २३
| | | | +केतु के | ७ | ० | ०
| | | | तक केतु | २१०० | १० | २३