रूपमण्डन एवं देवमूर्त्ति-प्रकरणम् (मण्डन सूत्रधार - प्राचीन मूर्तिकला एवं देव-प्रतिमा लक्षण सटीक)
Rupamandanam and Devatamurti Prakaranam of Sutradhara Mandana
मण्डन सूत्रधार द्वारा
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विषयाः पत्राङ्काः | विषयाः पत्राङ्काः
चतुर्भुजकार्त्तिकेयः ... १५३ | महावाणी ... १५९
पञ्चलीलयाः ... १५४ | भारती ... १६०
नवदुर्गाः— | सरस्वती ... ,,
महालक्ष्मीः ... १५५ | आर्या ... ,,
नन्दा ... ,, | ब्राह्मी ... ,,
क्षेमङ्करी ... ,, | महाधेनुः ... ,,
सर्वती ... ,, | वेदगर्भा ... ,,
महरण्डा ... ,, | ईश्वरी ... ,,
भ्रमणी ... १५६ | महालक्ष्मीः ... ,,
सर्वमङ्गला ... ,, | महाकाली ... ,,
रेवती ... ,, | महासरस्वती ... ,,
हरसिद्धिः ... ,, | भद्रकाली ... ,,
क्षेत्रपालः ... ,, | चण्डी ... १६१
मातरः— | चण्डिकाप्रतीहाराः ... १६२
ब्राह्मी ... १५७ | लक्ष्मीः ... ,,
माहेश्वरी ... ,, | महालक्ष्मीः ... १६४
कौमारी ... ,, | कात्यायनी ... ,,
वैष्णवी ... १५८ | नृत्ये संस्थानवैशिष्ट्यम् ... १६५
वाराही ... ,, | हस्तादीनां रसाभिव्यञ्जकता ... १६६
ऐन्द्री ... ,, | नृत्ये आस्यादीनां प्रातिस्विकविषय-
चामुण्डा ... ,, | निरूपणम् ... १६७
चण्डिका ... १५९ | ग्रन्थकृतः स्वाहङ्कारपरिहारः ... ,,
द्वादश सरस्वत्यः— | ग्रन्थसमाप्तिः ... ,,
महाविद्या ... १५९ |
विषयानुक्रमणी समाप्ता ।