सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
रोगों की पहचान

रोगों की पहचान

Rogon Ki Pehchaan

सतगुरु मधु परमहंस जी द्वारा

स्रोत: Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri Edition · Sahib Bandgi Sant Ashram Ranjri, Jammu (उद्गम)

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

पृष्ठ 5, कुल 128 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 5
□प्रसव न होने पर60
□प्रदर (लकोरिया) होने पर60
□रक्त प्रदर होने पर60
□श्वेत प्रदर होने पर61
□बंध्यत्व होने पर61
□गर्भ धारण के समय होने वाली पीड़ा पर61
□कान के बहने पर62
□कान में दर्द होने पर62
□बहरापन होने पर62
□गला बैठने पर63
□दाँत दर्द होने पर63
□दाँतों में बदबू आने पर64
□दाँतों में कीड़े होने पर64
□मसूड़ों में सूजन होने पर64
□लीवर में वृद्धि होने पर64
□पिती की बीमारी होने पर64
□दस्त होने पर65
□प्लीहा वृद्धि होने पर65
□सिर दर्द होने पर65
□आधे सिर में दर्द होने पर65
□लकवा होने पर65
□बच्चों के दाँत निकलते समय होने वाली पीड़ा66
□बिस्तर पर मूत्र करने पर66
□टॉसिल होने पर66
□हिचकियाँ आने पर66
□काली खाँसी होने पर66
□मुँह में छाले होने पर67
□चेचक होने पर67
□उल्टियाँ होने पर67
□खून बहने पर67
□स्वप्रदोष होने पर67
□नपुंसकता होने पर68
□वीर्य की कमी होने पर68
□दाद होने पर68
□सुजाक होने पर68
□मुँहासे होने पर69
□खाज-खुजली होने पर70

5