ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 99, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें९६. सरस्वती नदी व सरस्वान् देव का वर्णन १-६
स्तुति, अन्न हेतु स्तुति, कल्याण याचना, पत्नी व पुत्र की कामना से स्तुति, रक्षार्थ हेतु,
सरस्वान् की स्तुति १-६
९७. इंद्र, मित्र, बृहस्पति आदि की स्तुति १-१०
आह्वान, धन याचना, हव्य, वरेण्य, अन्न मांगना १-५
प्रकाशयुक्त घोड़े, अन्न देना, जलों की रचना, यज्ञरक्षा, शत्रुसेना के संहार व पालन हेतु
प्रार्थना ६-१०
९८. इंद्र व बृहस्पति का वर्णन १-७
गौरमृग, सोमपान के लिए आह्वान, जन्मते ही सोमपान, युद्ध जीतने व विजय पाने
की प्रार्थना, सोमरस केवल इंद्र के लिए, हितकारक, धनदाता व पालक बृहस्पति की
स्तुति १-७
९९. इंद्र एवं विष्णु की स्तुति १-७
वामन अवतार, महिमाशाली, द्यावा-पृथिवी को धारण करना, इंद्र द्वारा उत्पन्न, शंबर
की नगरियों का नाश १-५
अन्नवृद्धि व पालन हेतु स्तुति ६-७
१००. विष्णु की स्तुति १-७
धन प्राप्ति, धन याचना, तीन चरण रखना, स्तुति, तेजस्वी रूप न छिपाने हेतु प्रार्थना,
पालन हेतु प्रार्थना १-७
१०१. बादलों का वर्णन १-६
अग्नि की उत्पत्ति, घर व सुख याचना, शरीर बदलना, जल बरसाना, फलवती
ओषधियों की कामना, शतायु हेतु प्रार्थना १-६
१०२. बादलों का वर्णन १-३
गर्भधारण करने व अन्न हेतु स्तुति १-३
१०३. मेंढकों का वर्णन १-१०
वर्षभर सोना, ‘अख्खल’ शब्द करना १-३
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