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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 98, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 98

नाव पर चढ़ाना, विशाल घर, घर व रक्षा की याचना ४-७
८९. वरुण की स्तुति १-५
मिट्टी का घर, सुख व दया हेतु, प्रार्थना १-४
देवों के प्रति द्रोह ५
९०. वायु एवं इंद्र की स्तुति १-७
आह्वान, धनपात्र, वायु धन के लिए उत्पन्न, गोधन मिलना १-४
धन, सुख आदि के लिए प्रार्थना ५-७
९१. वायु एवं इंद्र की स्तुति १-७
संगत करना, धन याचना, सेवा, करना १-३
सोमपान करने, पापमुक्ति व रक्षा हेतु आह्वान ४-७
९२. वायु एवं इंद्र की स्तुति १-५
सोमपान हेतु आह्वान १-२
ऐश्वर्य हेतु प्रार्थना, शत्रुनाशक, कल्याण हेतु प्रार्थना ३-५
९३. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-८
अन्न हेतु स्तुति १-२
पुकारना, धन हेतु स्तुति, शत्रुनाशार्थ प्रार्थना, अन्न याचना, रक्षार्थ स्तुति ३-८
९४. इंद्र व अग्नि की स्तुति १-१२
स्तुति, यज्ञ पूरा करने शत्रुनाश के लिए स्तुति, रक्षार्थ आह्वान १-६
सुख, अन्न, धन के लिए स्तुति, जनसेवा के लिए आह्वान, सेवा, अपहर्त्ता की संपत्ति
के नाश हेतु प्रार्थना ७-१२
९५. सरस्वती नदी का वर्णन १-६
बढ़ना, सागर तक जाने वाली, यज्ञयोग्य स्त्री, धनसंपन्न १-४
अन्न, धन व पालन हेतु स्तुति ५-६
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