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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 50, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 50

गर्जन, वृष्टि, ऋतुएं, पांच अश्व १७-१८
प्रजापालन, शत्रुओं से संपत्ति छीनना १९-२०
मरुतों का आगे रहना, ओषधि २१-२२
५६. विश्वेदेव का वर्णन १-८
बाधक न बनना, ऋतुएं, संवत्सर, जल १-४
इला, सरस्वती एवं भारती से यज्ञ में आने की प्रार्थना ५
धन याचना, वाग्देवी ६-७
तीन उत्तम स्थान ८
५७. विश्वेदेव का वर्णन १-६
ज्ञानी, मनचाही वर्षा, ओषधियां, दीप्तियां १-४
प्रेरणा देना, उत्तम बुद्धि ५-६
५८. अश्विनीकुमारों की स्तुति १-९
दूध देना, रथ, वृत्ति १-३
सूर्य का उदय होना, स्तोत्र, जाह्नवी गंगा, नित्यतरुण अश्विनीकुमार, हवि अन्न, शुद्ध
घर ४-९
५९. मित्र अर्थात् सूर्य का वर्णन १-९
कामों में लगाना, अनुग्रह, यज्ञ के समीप रहना, सेव्य, नमस्कार के योग्य १-५
मित्र का अन्न, अंतरिक्ष को हराना, हवि देना, अन्नदाता ६-९
६०. ऋभुगण एवं इंद्र की स्तुति १-७
कर्म जानना, देवत्व, अमृत पद की प्राप्ति, सीमा जानना असंभव, सुधन्वा १-५
कर्म निश्चित, आह्वान ६-७
६१. उषा का वर्णन १-७
स्तुत, सच बोलना, सूर्य का ज्ञान कराने वाली, सूर्य की पत्नी, तेज धारण करना १-५
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