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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 49, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 49

शार्यात, विभूषित होना, मित्रभाव ७-९
सोमपान का आग्रह १०-१२
५२. इंद्र का वर्णन १-८
सोमपान, पुरोडाश भक्षण हेतु प्रार्थना १-२
भक्षण, सेवा, जौ, उत्साहित करना ३-८
५३. इंद्र का वर्णन १-२४
हव्य खाने, यज्ञ में रहने व कुशों पर बैठने का आग्रह १-३
पत्नीयुक्त घर, प्रयोजन, कल्याणी, पत्नी, विश्वामित्र, रूप बदलना, सरिता रोकना,
सोमपान का आग्रह, राजा सुदास, भरतवंशीय, वज्रधारी, प्रमंगद, अमृतरूप, अन्न,
जमदग्नि ४-१६
दृढ़ रथ, बैल, खदिर, शीशम, रथ १७-२०
उपाय, कुल्हाड़ी, सर्वज्ञ, भरतवंशी क्षत्रिय, वसिष्ठ २१-२४
५४. विश्वेदेव का वर्णन १-२२
स्तोत्र बोलना, अनुभव, नमस्कार, महत्त्व जानना, स्वर्गमार्ग १-५
धरती व आकाश देखना, जागरूक, विभाजन, दुःखी न होना, वाहन, जिह्वा, यज्ञ में
आना, याचना ६-१२
ऋष्टि, पादविक्षेप, इंद्र, अश्विनीकुमार, देवत्व, वरुण १३-१८
आकाश, मरुद्गण, स्तुति सुनने का आग्रह १९-२०
मित्रता, हव्य का स्वाद २१-२२
५५. उषा, अग्नि, इंद्र एवं धरती-आकाश की स्तुति १-२२
बल, हिंसा न करने की प्रार्थना, प्रकाशक, अरणि, वृक्षों में रहना, सूर्य का सोना १-६
मूलकारण, प्राणियों का भागना, सूर्य के साथ चलना, भूवन ज्ञाता, जोड़ा धारण
करना, स्तुति ७-१२
भीगना, पुण्यात्मा, पापात्मा १३-१६
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