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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 40, कुल 1855 में से

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२६. बृहस्पति का वर्णन १-४
रक्षा याचना, धन प्राप्ति, उपकारी १-४
२७. आदित्यगण का वर्णन १-१७
घृत टपकाना, अनिंदनीय, अहिंसित, तेजस्वी, जगत्धारक, स्तुति १-४
पापों का त्याग, सुगमपथ, सुख प्राप्ति, महिमा वर्धन ५-८
तेजधारक, वरुण व आदित्य की स्तुति ९-१२
स्वामी, ज्योति, मंगलकारी, पाश, धन याचना १३-१७
२८. वरुण की स्तुति १-११
क्रांतदर्शी, प्रार्थना, जल रचना, नदी, पाप, नाश, हिंसक, प्रकाश १-७
शक्तिसंपन्न, ऋण, याचना, चोर, भेड़िया ८-११
२९. विश्वेदेव की स्तुति १-७
पाप, गुप्त स्थान, कल्याण, सुख, न मारना, बचाना, पुत्र याचना १-७
३०. इंद्र, बृहस्पति, सोम आदि की स्तुति १-११
पानी, समुद्र, वृत्र, असुर पुत्र, शत्रुनाश, समृद्धि, प्रेरक, थकान न देने की प्रार्थना १-७
षंडामर्क का वध, धन याचना, उपासना ८-११
३१. विश्वेदेव का वर्णन १-७
रक्षा, घोड़े, उत्तम कर्म, पूषा व सूर्या के पति, हव्य स्तुति, बलाभिलाषी १-७
३२. द्यावा-पृथिवी आदि का वर्णन १-८
अन्न कामना, मित्रता, स्तुति, बुलाना, कर्मों को बुनना, धन, राका देवी, सिनीवाली,
सरस्वती, इंद्राणी, वरुणाणी १-८
३३. रुद्र की स्तुति १-१५
सुख, शतायु, उत्तम, हिंसा-बुद्धि, ओषधियां, स्वामी, रक्षक, उग्र रुद्र १-११
स्तुति, कामना, सुख देने व क्रोध न करने की प्रार्थना १२-१५
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