ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)
Rigveda Samhita with Hindi Translation
डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा
स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)
पृष्ठ 39, कुल 1855 में से
संदर्भ में पढ़ें१८. इंद्र का वर्णन १-९
हवन, विजयदाता, अश्व, धनशाली, आह्वान, सोम रखना, आहूत, विपत्तिनाशक,
सेवनीय १-९
१९. इंद्र का वर्णन १-९
अन्नवासी, गमन, प्रेरणा, सहायक, एतश १-५
कुत्स, शुष्ण, अशुष, कुयव, पीयु, गृत्समद ऋषि, दक्षिणा ६-९
२०. इंद्र का वर्णन १-९
दीप्यमान, श्रद्धालु, रक्षक, यज्ञ, अभिलाषापूरक, गाएं लेना, नगर विनाश, दास, मस्तक
काटना, सेना व लौहनगरी का नाश, दक्षिणा १-९
२१. इंद्र का वर्णन १-६
जलविजयी, स्तुति, प्रशंसा, प्रेरक, गाएं ढूंढना, पुष्टि १-६
२२. इंद्र का वर्णन १-४
तृप्तिदाता, पूर्ण करना, भला विचारना, प्रसिद्ध १-४
२३. बृहस्पति की स्तुति १-१९
गणपति, जनक, शत्रुनाशक, सेनाएं रोकना, पथप्रदर्शक, प्रसन्नता, रक्षक १-८
धन याचना, कामपूरक, पुण्यलाभ, शत्रुसेना नाशक ९-१३
पराक्रम, पूजनीय, विरोधियों को न सौंपने की प्रार्थना, ऋण चुकाना, गायों का आना,
संतान रक्षार्थ प्रार्थना १४-१९
२४. बृहस्पति का वर्णन १-१६
विश्वस्वामी, हंता, उद्धारक, भेदन, धन की प्राप्ति १-६
बाण फेंकना, मिलाना, भोगना ७-१०
रक्षक, स्तुतियां, सुनना, विभाजन, अन्नयुक्त विश्वनियंत्रक ११-१६
२५. बृहस्पति का वर्णन १-५
दीर्घायु, धनविस्तार, समर्थ, ब्रह्मणस्पति, सुख प्राप्ति १-५
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