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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 367, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 367

अगच्छतं कृपमाणं परावति पितुः स्वस्य त्यजसा निबाधितम्.
स्वर्वतीरित ऊतीर्युवोरह चित्रा अभीके अभवन्नभीष्टयः.. (८)
तुम दूर देश में अपने पिता द्वारा त्यक्त होकर दुःख उठाते एवं प्रार्थना करते हुए भुज्यु के
पास गए. तुम्हारी शोभन गति एवं विचित्र रक्षा को सब लोग समीप पाना चाहते हैं. (८)
उत स्या वां मधुमन्मक्षिकारपन्मदे. सोमस्यौशिजो हुवन्त्यति.
युवं दधीचो मन आ विवासथोऽथा शिरः प्रति वामश्व्यं वदत्.. (९)
मधुमक्षिका ने तुम्हारी मधुयुक्त स्तुति की. मैं उशिज का पुत्र कक्षीवान् तुम्हें सोमरसपान
से आनंदित होने के लिए बुलाता हूं. तुमने दधीचि का मन सेवा से प्रसन्न किया था. उसके
अश्वशिर ने तुम्हें मधुविद्या का उपदेश किया. (९)
युवं पेदवे पुरुवारमश्विना स्पृधां श्वेतं तरुतारं दुवस्यथः.
शर्येरभिद्युं पृतनासु दुष्टरं चर्कृत्यमिन्द्रमिव चर्षणीसहम्.. (१०)
हे अश्विनीकुमारो! तुमने पेदु को अनेक जनों द्वारा वांछित युद्ध में शत्रुओं को जीतने
वाला, दीप्तिसंपन्न, समस्त कामों में बार-बार लगाने योग्य एवं इंद्र के समान शत्रुपराभवकारी
सफेद घोड़ा दिया था. (१०)
सूक्त—१२० देवता—अश्विनीकुमार
का राधद्धोत्राश्विना वां को वां जोष उभयोः. कथा विधात्यप्रचेताः.. (१)
हे अश्विनीकुमारो! कौन सी स्तुति तुम्हें प्रसन्न बना सकती है? तुम्हें प्रसन्न करने में कौन
सा होता समर्थ है? तुम्हारे महत्त्व को न जानने वाला तुम्हारी सेवा कैसे कर सकता है. (१)
विद्वांसाविद्दुरः पृच्छेद्विद्वानित्थापरो अचेताः. नू चिन्नु मर्ते अक्रौ.. (२)
अज्ञ स्तोता इसी प्रकार तुम सर्वज्ञों की सेवा रूपी मार्ग को जानना चाहता है. उनके
अतिरिक्त सब ज्ञानहीन हैं. शत्रु द्वारा आक्रमणरहित वे शीघ्र ही स्तोता पर अनुग्रह करते हैं.
(२)
ता विद्वांसा हवामहे वां ता नो विद्वांसा मन्म वोचेतमद्य.
प्रार्छद्यमानो युवाकुः.. (३)
तुम सर्वज्ञों को हम बुलाते हैं. हे अभिज्ञो! तुम आज हमें ज्ञातव्य स्तोत्र बताओ. तुम्हारी
कामना करता हुआ मैं तुमको हव्य देकर भली-भांति स्तुति करता हूं. (३)
वि पृच्छामि पाक्या३ न देवान्वषट्कृतस्याद्भुतस्य दस्रा.