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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 353, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 353

हे रुद्र! हम लोगों में से वयोवृद्ध, बालक, गर्भाधान समर्थ युवक एवं गर्भस्थ शिशु की
हिंसा मत करना, हमारी माता अथवा पिता की हिंसा एवं हमारे प्रिय शरीर का नाश भी मत
करना. (७)
मा नस्तोके तनये मा न आयौ मा नो गोषु मा नो अश्वेषु रीरिषः.
वीरान्मा नो रुद्र भामितो वधीर्हविष्मन्तः सदमित्त्वा हवामहे.. (८)
हे रुद्र! हमारे पुत्र, पौत्र, दास, गाय एवं घोड़ों की हिंसा एवं क्रोधित होकर हमारे वीरों
का वध मत करना. हम सदैव हवि लेकर तुम्हें बुलाते हैं. (८)
उप ते स्तोमान्पशुपा इवाकरं रास्वा पितर्मरुतां सुम्नमस्मे.
भद्रा हि ते सुमतिर्मूळयत्तमाथा वयमव इत्ते वृणीमहे.. (९)
हे मरुत्पिता! जिस प्रकार गोप दिन भर चराने के बाद पशु मालिक को लौटा देता है,
उसी प्रकार मैं तुम्हारा स्तोत्र तुम्हें लौटा रहा हूं. हमें सुख दो. तुम्हारी कल्याणी बुद्धि परम
रक्षक एवं सुखकारिणी है, इसी कारण हम तुमसे रक्षा की याचना करते हैं. (९)
आरे ते गोघ्नमुत पूरुषघ्नं क्षयद्वीर सुम्नमस्मे ते अस्तु.
मृळा च नो अधि च ब्रूहि देवाधा च नः शर्म यच्छ द्विबर्हाः.. (१०)
हे वीरनाशक रुद्र! गोहनन एवं मनुष्य हनन का साधन तुम्हारा आयुध हमसे दूर रहे.
हमारे पास तुम्हारा दिया सुख रहे. हमें सुखी करो एवं हमारे प्रति पक्षपात रखने वाले वचन
बोलो. तुम धरती और आकाश के स्वामी बनकर हमें सुख दो. (१०)
अवोचाम नमो अस्मा अवस्यवः शृणोतु नो हवं रुद्रो मरुत्वान्.
तन्नो मित्रो वरुणो मामहन्तामदितिः सिन्धुः पृथिवी उत द्यौः.. (११)
रक्षा के इच्छुक हम लोग यह सूक्त बोलते हैं. इस रुद्र को नमस्कार हो. रुद्र मरुतों के
साथ हमारी यह पुकार सुनें. मित्र, वरुण, अदिति, सिंधु, धरती एवं आकाश हमारी इस प्रार्थना
का आदर करें. (११)
सूक्त—११५ देवता—सूर्य
चित्रं देवानामुदगादनीकं चक्षुर्मित्रस्य वरुणस्याग्नेः.
आप्रा द्यावापृथिवी अन्तरिक्षं सूर्य आत्मा जगतस्तस्थुषश्च.. (१)
मित्र, वरुण एवं अग्नि के चक्षु, किरणों के समूह एवं आश्चर्यकारी सूर्य उदय हुए हैं.
उन्होंने धरती, आकाश एवं दोनों के मध्य भाग को तेज से पूर्ण किया है. वे जंगम एवं स्थावर
के स्वरूप हैं. (१)
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