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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 134, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 134

१५. पितृलोक का वर्णन, अग्नि व पितरों की स्तुति १-१४
पितर, नमस्कार, नित्यता, रक्षा व धन याचना, पितर बुलाना १-८
हव्य ग्रहणार्थ आना, हव्य भक्षक, पितर अग्निष्वात्त, स्तुति, स्वधा, जानना, प्रसन्न
होना ९-१४
१६. अग्नि की स्तुति व प्रेत का वर्णन १-१४
न जलाने की प्रार्थना, पितर, प्राण, कल्याणकारी, ऊपर जाना, निरोग हेतु प्रार्थना,
तैयार, प्रसन्न होना १-८
आग हटाना, प्रवेश, सामग्री, स्थापना, प्रज्वलित करना, दूब, वनस्पतियां ९-१४
१७. सरण्यू, पूषा व सूर्य आदि का वर्णन १-१४
विवाह, जन्म, रक्षक, पूषा, दिशाएं जानना, घूमना, बुलाना, प्रसन्न होना १-८
आह्वान, धन मांगना, जल, निकलना, हवन, गिरना, स्तुतिवचन ९-१४
१८. मृत्यु, मृतक, धरती व प्रजापति आदि की स्तुति १-१४
न मारने की प्रार्थना, पितृयान, पितृमेध, पत्थर, ऋतु, त्वष्टा, सधवा, पाणिग्रहण, धनुष
लेकर कहना १-१०
उपचार, दक्षिणादाता, धान देने, सहारा देने की प्रार्थना, खूंटी, संकुसुक ऋषि ११-१४
१९. गो व इंद्र की स्तुति १-८
धन मांगना, गायों को वश में करने, पास रखने व गोशाला हेतु प्रार्थना, पहचानना,
चराने जाना, गायों सहित लौटने व गाएं लाने का अनुरोध १-६
सेवा, गाएं लाने की प्रार्थना ७-८
२०. अग्नि की स्तुति व वर्णन १-१०
स्तुति, अजेय, फल देना, व्याप्त करना, आना, जाना, इच्छा १-७
बढ़ाना, चमकीला, ऋषि विमद ८-१०
२१. अग्नि की स्तुति १-८
वरण, शोभा बढ़ाना, सेवा, अमर, ज्ञाता १-५
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