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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 133, कुल 1855 में से

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पृष्ठ 133

दिव्यगुणयुक्त, धनदाता, आराधना, रक्षक, उत्पत्ति अनुष्ठान, पूजनीय १-७
८. अग्नि की स्तुति व इंद्र का वर्णन १-९
शब्द करना, प्रसन्न होना, रमण करना, पहले आना, यज्ञ प्रकाशक, रक्षक १-५
जलनेता, त्रित, युद्ध, वध, सिर काटना ६-९
९. जल की स्तुति १-९
सुखाधार, सुखकर रस, प्रसन्न होना, दिव्य जल, निवासदाता १-५
जलवास, पुष्टि हेतु प्रार्थना, पाप दूर करने व तेजस्वी बनाने का आग्रह ६-९
१०. यम और यमी का संवाद १-१४
निवेदन, देखने की बात कहना, त्याज्य, असत्य से बचना, प्रजापति, जानना, इच्छा,
गुप्तचर, बंधु, आग्रह १-१०
मूर्च्छित होकर बोलना, पाप, कमजोर बतलाना, सुझाव ११-१४
११. अग्नि का वर्णन एवं स्तुति १-९
गिराना, गंधर्वपत्नी, उदय, लाना, जाना, शंका १-६
सेवा, रत्नदाता, रथ ७-९
१२. अग्नि का वर्णन एवं स्तुति १-९
प्राण, जाना, धारक, स्तुति १-४
परिचरण, सूर्य, प्रकाश पाना, पापनाशक, रथ ५-९
१३. हविधारक गाड़ियों का वर्णन १-५
पत्नीशाला, लादना, उपकरण, यज्ञ करना, स्तुतियां १-५
१४. पितृलोक, पितरों व यम का वर्णन १-१६
पुरोडाश, मार्गज्ञाता, ऋक्व, अंगिरा, बुलाना, योग्य, प्रसन्न होना, व्रियमान १-८
स्थान देना, चितकबरे कुत्ते, गृहरक्षक, यमदूत, दूत बनाने वाला, आयु याचना,
नमस्कार, त्रिकद्रुक ९-१६
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