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सर्वकोश
ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

ऋग्वेद संहिता (सरल हिन्दी भावार्थ सहित)

Rigveda Samhita with Hindi Translation

डा. गंगा सहाय शर्मा द्वारा

स्रोत: संस्कृत साहित्य प्रकाशन · संस्कृत साहित्य प्रकाशन (उद्गम)

DevanagariSanskritpublished1,855 पृष्ठ

पृष्ठ 1058, कुल 1855 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 1058

हे इंद्र! नशीला सोम तुम्हें प्रसन्न करे. तुम स्तोता को शक्तिशाली एवं धनवान् पुत्र देते
हो. हे शूर इंद्र! देवों में एकमात्र तुम्हीं मानवों के प्रति दया करते हो. तुम इस यज्ञ में प्रसन्न
बनो. (५)
एवेदिन्द्रं वृषणं वज्रबाहुं वसिष्ठासो अभ्यर्चन्त्यर्कैः.
स नः स्तुतो वीरवद्धातु गोमद्यूयं पात स्वस्तिभिः सदा नः.. (६)
वसिष्ठगोत्रीय ऋषि इसी प्रकार स्तुतियों द्वारा अभिलाषापूरक एवं वज्रबाहु इंद्र की पूजा
करते हैं. वे स्तुति सुनकर हमें वीरों एवं गायों से युक्त धन दें. हे इंद्र! तुम कल्याणसाधनों द्वारा
हमारी सदा रक्षा करो. (६)
सूक्त—२४ देवता—इंद्र
योनिष्ट इन्द्र सदने अकारि तमा नृभिः पुरुहूत प्रयाहि.
असो यथा नोऽविता वृधे च ददो वसूनि ममदश्च सोमैः.. (१)
हे इंद्र! तुम्हारे सदन के लिए स्थान बनाया गया है. हे बहुतों द्वारा बुलाए गए इंद्र! मरुतों
के साथ