सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

रत्नावली नाटिका (सम्राट हर्षवर्धन - शास्त्रीय नाटिका रत्न सम्पूर्ण ४ अङ्क सान्वय सटीक)

Ratnavali Natika of Emperor Harsha with Commentary

सम्राट हर्षवर्धन द्वारा

DevanagariHindipublished520 पृष्ठ

पृष्ठ 213, कुल 520 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 213

' becomes 'भट्टा' (Bhaṭṭā) for king/master!
Yes, "भट्टा" (bhaṭṭā) is standard vocative for king in drama!

Now let's check: चिट्ठदि²
Yes, चिट्ठदि² । (क)
And footnote 2:
2. पुस्तकान्तरे नास्ति ।

Line 4:
राजा—आदिश मार्गम् ।

Line 5:
सुसङ्गता—इदो इदो भट्टा³ । (ख)
Footnote 3:
3. एदु एदु भट्टा ।
Chhaya (ख):
(ख) इतः इतः भर्त्ता ।

Line 6:
( इति परिक्रामतः )

Line 7:
विदूषकः—भो गेण्हामि एदं चित्तफलयं, एदस्स कज्जं
Wait, is it चित्तफलयं or चित्तफलं?
Look at line 7:
भो गेण्हामि एदं चित्तफलयं, -> wait!
Look at the word:
चि त्त फ ल यं?
Wait, between ल and ,:
Is it चित्तफलअं or चित्तफलयं or चित्तफलं?
Let's look closely: