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सर्वकोश
रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

रतिरहस्य: असली कोकशास्त्र (पण्डित कोक्कोक - कामकला, दाम्पत्य-जीवन एवं सम्पूर्ण रति-विज्ञान)

Rati Rahasya or Asli Koka Shastra of Kokkoka with Hindi Commentary

पण्डित कोक्कोक (भाषा टीकाकार: पण्डित कन्हैयालाल) द्वारा

DevanagariHindipublished440 पृष्ठ

पृष्ठ 87, कुल 440 में से

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८८ असली कोकशास्त्र
सम्भोग में अत्यन्त कठिनता से सन्तुष्ट होने वाली, जिसकी सम्पूर्ण
देह रोमों से भरी हो। गद्गद् सम्भाषिणी स्त्री हस्तिनी कहलाती है।
नारी गन्ध विचार
पद्मिनी पद्मगन्धा च मधुगन्धा च चित्रिणी ।
शङ्खिनी क्षारगन्धा स्यान्मद्यगन्धा च हस्तिनी ॥
पद्मिनी कमल की गन्ध वाली, चित्रणी शहद की गन्ध वाली
शंखिनी क्षार गन्ध वाली तथा मदिरा के समान गन्ध वाली स्त्री
हस्तिनी होती है ।
देव्यादि स्त्री भेद
देवीमप्सरसो यक्षकान्तां राक्षसकामिनीम् ।
कृत्यामिति जगुर्ना रीं युक्तां तैरेव नामभिः ॥
देवी, अप्सरा, यक्षिणी, राक्षसी और कृत्या आदि नारियें
अपने अपने लक्षणों वाली अपने अपने नाम को प्राप्त होती हैं ।
देवी स्त्री
सत्य प्रिय, ज्ञानी, दानी, सत्य और मधुर बोलने वाली, पवित्र
सुन्दर, कोमल अंग वाली, काम-क्रोध रहित, मधुर पदार्थ चाहने