सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

रसिकप्रिया (महाकवि केशवदास - सम्पूर्ण सविस्तार हिन्दी व्याख्या, नायिका-भेद एवं शृंगार मनोविज्ञान)

Rasikapriya: Nayika Bheda, Shringara Rasa evam Saundarya Manovigyan

महाकवि केशवदास द्वारा

DevanagariHindipublished286 पृष्ठ

पृष्ठ 42, कुल 286 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 42

( ४२ )
भिन्न है । टीकाओं में से सूरति मिश्र की टीका अप्रकाशित है । उनकी
इस रसगाहकचंद्रिका टीका का हस्तलेख मेरे प्रिय शिष्य श्रीलक्ष्मीशंकरजी
व्यास से प्राप्त हुआ है । पहली टीका पद्य में है दूसरी पुराने गद्य में । यद्यपि
पाठनिर्णय करने में बहुत सावधानी रखी गई है तथापि यत्रयत्र कुछ मतभेद
की संभावना है । अनेकविध कार्यों में लगे रहने से तथा दृष्टि में मांद्य आ
जाने से कुछ त्रुटियाँ संभावित हैं । उनके लिए क्षमार्थी हूँ ।
रसिकप्रिया—
१ पूर्ण । लिपिकाल—सं० १७२२ प्राप्तिस्थान—श्रीबालकृष्णदासजी भार-
तेंदुभवन, चौखंभा, वाराणसी ।
२ खंडित । लिपि०— × । प्राप्ति०—श्रीबालकृष्णदासजी, भारतेंदु-भवन,
चौखंभा, वाराणसी ।
३ पूर्ण । प्राप्ति०—काशिराज का पुस्तकालय ।
हस्तलिखित हिंदी-ग्रंथों का विवरण (काशी नागरीप्रचारिणी सभा)
४ (०३-८६) । पूर्ण । लिपि- × । प्राप्ति०-काशिराज का पुस्तकालय ।
५ (०४-१२८) । पूर्ण । लिपि०-सं० १८१४ । प्राप्ति०-उल्लिखित नहीं है ।
६ (१७-६६ ए) । पूर्ण । लिपि०- × प्राप्ति०-सेठ चंद्रशेखर, अनूपशहर,
जिला बुलंदशहर ।
७ (१७-६६ बी) खंडित । लिपि०- × । प्राप्ति०-श्रीदेवकीनंदनाचार्य
पुस्तकालय, कामवन, भरतपुर ।
८ (२०-८२ सी) खंडित लिपि०-सं १७७४ । प्राप्ति०-पं० महावीरप्रसाद
दीक्षित, मुहल्ला चंदनियाँ, फतेहपुर ।
६ (२६-२.७ आई) । खंडित । लिपि०- × । प्राप्ति-पं० शंभूनाथ, गाँव
बबुरी, डा० अलीगंज बाजार (सुलतानपुर) ।
१० (२६-१३३ एफू) । पूर्ण । लिपि० सं० १७३७ । प्राप्ति-आनंदभवन
पुस्तकालय, डा० बिसर्वां, जिला सीतापुर ।
११ (२६-१६२ एफू) । पूर्ण । लिपि०-सं० १६०८ । प्राप्ति०-पं० उलफतरी
बसायक नवीस, फतहाबाद, जिला आगरा ।
'सभा'-संग्रह
१२ (६१-२६) । खंडित । प्रति से संलग्न उसी हस्तलिपि में लिखी 'बिहारी-
सतसई' की पुष्पिका में लिपिकाल सं० १७७४ अंकित है ।
१३ (६१-३०) । खंडित । लिपि०-सं० १८३६ ।
१४ (४३४-३८२) पूर्ण ? पत्र १-२०८ । लिपि०- × ।