रसेन्द्रसारसंग्रह (गोपालकृष्ण - पं. रामप्रसाद वैद्य सविस्तार सान्वय हिन्दी टीका सहित)
Rasendra Sara Sangraha of Gopalakrishna with Commentary
गोपालकृष्ण भट्ट (टीकाकार: पं. रामप्रसाद वैद्य) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें( १२ ) रसेन्द्रसारसंग्रह-वि०क्र० ।
विषय. पृष्ठांक. | विषय. पृष्ठांक.
क्षतशुक्लहर गुग्गुल ५०७ | भीमरुद्र रस ५२६
शिरोरोगाधिकार । | वाजीकरणाधिकार ।
रसचन्द्रिका वटी ५०७ | रसायनके लक्षण, श्रीमन्मथ रस ५२७
शिरोवज्र रस ५०८ | महेश्वर रस ५२८
चन्द्रकान्त रस ५०९ | पूर्णचन्द्र रस ५२९
महालक्ष्मीविलास ” | कार्श्यहर लौह, लक्ष्मीविलास रस ५३०
प्रदररोगचिकित्सा । | श्रीकामदेव रस ५३२
प्रदरान्तक लोह ५१० | अनंगसुन्दर रस, हेमसुन्दर रस ५३४
प्रदरान्तक रस ५११ | अमृतार्णव रस ५३५
पुष्कर लेह ५१२ | बृहत्पूर्णचन्द्र रस ”
योनिव्यापच्चिकित्सा ५१३ | चन्द्रोदय रस ५३८
सूतिकारोगचिकित्सा । | मकरध्वज, वसन्ततिलक रस ५४०
सूतिकारि रस ५१४ | वसन्तकुसुमाकर रस ५४१
सूतिकाविनोद रस ” | नीलकण्ठ रस ५४२
गर्भचिन्तामणि रस ” | महानीलकण्ठ रस ५४३
बृहत्सूतिकाविनोद रस ५१५ | बृहच्छृङ्गाराम्र ५४५
सूतिकारि रस ” | परिशिष्टभाग ।
सूतिकाघ्न रस, सूतिकान्तक रस ५१६ | पुटके गुण ५४७
गर्भचिन्तामणि रस ” | १-महा पुट, २-गजपुट ५४८
दूसरा गर्भचिन्तामणि रस ५१७ | ३-वाराहपुट, ४-कुक्कुट पुट ५४९
बृहत् गर्भचिन्तामणि रस ५१८ | ५-कपोत पुट ”
गर्भविनोद रस ” | ६-गोवर पुट ७-भाण्ड पुट ५५०
मतिकाहर रस, मद्यघ्न वटी ५१९ | ८-वालुका पुट ”
रसशार्दूल रस, महाशार्दूल रस ५२१ | ९-भूधर पुट, १०-लावपुट ५५१
बृहद्शार्दूल रस ५२२ | उपलोंके पर्याय नाम ५५२
अष्टधातु ५२३ | अञ्जनविधान ।
बालरोगचिकित्सा । | ज्वरनाशक नस्य ५५४
बालरस ५२३ | अर्द्धाङ्गज्बरनाशक लेप ”
अपर बालरस ५२४ | सर्वज्वरनाशक धूलन ”
विषाधिकार । | तीव्रज्वरनाशकधूलन ५५५
विषवज्रपात रस ५२५ | ज्वरनाशक धूप ”
इति विषयानुक्रमणिका समाप्त ।