रसतरङ्गिणी (सदानन्द शर्मा - पारद, धातु, उपधातु एवं भस्म रसायन शास्त्र सटीक)
Rasatarangini of Sadananda Sharma with Prasadani Commentary
सदानन्द शर्मा (टीकाकार: पं. हरिदत्त शास्त्री) द्वारा
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स्वर्णवङ्ग का आमयिक प्रयोग ४५२ | सजलारनालीयक का आमयिक
सुवर्णवङ्गपञ्चक रसायन ४५४ | प्रयोग ४७२
एकोनविंशस्तरंगः | सजलारनालीयक के प्रयोग का
सीसे का नाम ४५५ | निषेध ४७३
ग्राह्य सीसा का रूप ४५६ | सजलारनालीयक विकार
हेय सीसा ४५७ | उपचार ४७३
सीसा शोधन फल ,, | यशद का नाम ,,
प्रथम सीसा शोधन ,, | ग्राह्य यशद का स्वरूप ४७४
द्वितीय शोधन ४५८ | हेय यशद का स्वरूप ,,
सीसा मारण ,, | यशद शोधन का प्रयोजन ,,
द्वितीय सीसा मारण ४६० | यशद का शोधन ४७५
तृतीय मारण ,, | यशद का द्वितीय शोधन ,,
चतुर्थ मारण ४६१ | तृतीय शोधन ,,
पञ्चम मारण प्रकार ४६२ | चतुर्थ शोधन ४७६
छठा मारण ४६३ | यशद का मारण ,,
सप्तम मारण ,, | द्वितीय मारण ४७७
सीसा भस्म का गुण ४६४ | तृतीय मारण ,,
सीसा भस्म की मात्रा ४६६ | चतुर्थ मारण ४७८
सीसा भस्म का आमयिक प्रयोग ,, | सुमृत यशद का गुण ४७६
आन्त्रशोपांतकरस ४६७ | यशद का विशेष गुण ,,
आन्त्रशोपान्तक रस का गुण ४६८ | यशद भस्म की मात्रा ४८०
आरनालीय सीसा का नाम ४६६ | यशद भस्म का आमयिक प्रयोग ,,
आरनालीय सीसा का निर्माण ४६६ | यशदामृत मलहर ४८३
आरनालीय सीसा द्रव निर्माण ४७० | यशदामृत मलहर का गुण ,,
तीव्रकाञ्जिकाऽम्ल का निर्माण ४७१ | गन्धकाम्लीय यशद निर्माण ४८४
सजलारनालीयक सीसा द्रव का | गन्धकाम्लाय यशद का गुण ,,
निर्माण ,, | गन्धकाम्लीय यशद द्रव का
सजलारनालीयक सीसा द्रव का | निर्माण ४८५
प्रकार क्रम ४७२ | गन्धकाम्लीय यशद द्रवका गुण ४८५