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सर्वकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

DevanagariHindipublished558 पृष्ठ

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७० रसार्णवे
अगस्त्यपुष्पतोयेन¹ कुमुदानां रसेन च ॥ १० ॥
कपि²तिन्दुकजम्बीर मेघनादपुनर्नवैः³ ।
यवचिञ्चारनालाम्ल-करवोराश्वपोत्पलैः ॥ ११ ॥
वनसूरणभूधात्री-भिण्डिमूलाम्लवेतसैः ।
मेषशृङ्गी⁴शशवसा भृङ्गतैलशमोरसैः ॥ १२ ॥
वज्रवल्लीचोरकन्द⁵-मरिचं: सुमुखेन च⁶ ।
त्रिदिनं स्वेदयेद्देवि जायते दोषवर्जितम् ॥ १३ ॥
धान्याभ्रकं⁷ पुरा कृत्वा⁸ सुश्लक्ष्णं नवनीतवत्⁹ ।
त्रिंशत्पलं व्योमरजः¹⁰ क्षुद्रमत्स्यपलद्वयम्¹¹ ॥ १४ ॥
तिलचूर्णपलं¹² गुञ्जा-त्रिपलं¹³ पादटङ्कणम्¹⁴ ।
गोधूमबद्धा¹⁵ तत्पिण्डी पञ्चगव्येन भाविता ॥ १५ ॥
(1) K has अगस्ति; M has. अगस्त्यपुष्पसारैश्च. (2) M reads कम्पि.
(3) K has पुनर्नवा, which is gram. incorrect. (4) B reads मेषशृङ्गः
(5) B reads चिरकन्द, which is an error of the scribe. K reads चौरकन्द,
which is not accurate. (6) K has समुखेपि च, which has no sense.
M reads मरीचैः. (7) B reads धान्यभ्रकं, which is inc. K reads
धान्यमभ्र. (8) K has पुरस्कृत्य. (9) B has नवनीतवान्, which
is incorrect. K has सुलक्ष्म, which is also inc. (10) त्रिंशत्पलव्योम-
रजः, a variant in K. त्रिंशत्फल व्योमरजः, a variant in M, wherein the first
term is inc. (11) K reads चौद्र. M reads फल. Both the read-
ings seem to be inc. (12) K reads तिलचूर्णपल, which is evidently
an error of the scribe. M reads तिलचूर्णफलं, which is inc. (13) B
and M read गुञ्जाविफलं, which seems to be an error. (14) B reads
पादं टङ्कणम्. (15) M reads गोधूमबन्धा, which is not gram. correct.