रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)
Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary
शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा
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३६२ १ वैक्रान्तं नागकापासी वैक्रान्तनागकापाली
” ११ रविनागं कपाली रविनागकपाली
३७० ७ पुटवेधकम् याममात्रकम्
” १२ दृशघर्माश्च दृशघर्मांश्च
३७१ ५ चितघर्मा वीतघर्मा
” ७ धर्मगुष्टा घर्मशुष्का
” १२ कारयेद्दशधर्मांश्च कारयेत्सदृशं घर्मे
३८८ १ शिगुपञ्चाङ्गुली शिग्रुः पञ्चाङ्गुलो
३८१ ४ चौरे चार्कस्य क्षीरेणार्कस्य
३८२ ४ पाचयेदनुजाम्भेन पाचयेद्दनुजाम्भेन
” १५ [अनुज may mean मध्यम.] •
४०८ ८ वर्णैस्तु वर्गेस्तु
४१८ १२ करबिल्वश्च चिरबिल्वश्च