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सर्वकोश
रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

रसार्णव (शैव रस-तन्त्र - प्राचीन भारतीय खनिज रसायन, धातुवाद एवं रस-चिकित्सा सटीक)

Rasarnava: Tantric Chemistry and Alchemy with Commentary

शिव-पार्वती संवाद (सम्पादक: प्रफुल्लचन्द्र राय एवं हरीशचन्द्र कविराज) द्वारा

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२८० रसार्णवे
अनेन द्रुतियोगेन देहलोहकरो रसः¹ ॥ ३१ ॥
इति श्रीपार्वतीपरमेश्वरसंवादे²
रसार्णवे रससंहितायां
द्रुतिबन्धनो नाम³
त्रयोदशः पटलः ॥ १३ ॥


(1) K has an incomplete charana—देहकरी रसः. (2) This is
not found in B. (3) B has सारणारसबन्धो नाम. K has द्रुतिबद्धी
नाम, which is grammatically incorrect. In the beginning of this
Paṭala, we find in K, that the god Bhairava proposes to explain वज्र-
जारणा. But as the Paṭala ends in several varieties of द्रुतिबन्ध, so it is
named as द्रुतिबन्धन instead of वज्रजारण.