रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)
Autobiography of Ram Prasad Bismil
पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा
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संदर्भ में पढ़ेंUploaded By Rajesh Tanti.
आमुख
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद् के तत्वावधान में समय-समय पर
किशोरों के लिए विभिन्न प्रकार की पूरक पाठ्यपुस्तकों का प्रकाशन होता रहा है, जिससे
बालकों को विज्ञान एवं अन्य विषयों के विकास की अद्यतन जानकारी प्राप्त होती है। साथ
ही उनको भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं तथा साहित्यिक एवं कलात्मक विरासत की भी
जानकारी मिलती है। इन पूरक पाठ्यपुस्तकों द्वारा बालकों को प्रख्यात विद्वानों, राष्ट्रीय
महापुरुषों, साहित्यिक व्यक्तियों, समाज-सुधारकों एवं लेखकों के जीवन तथा कार्यों का सम्यक्
ज्ञान भी प्राप्त होता है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 1986 के तहत तैयार किये गये पाठ्यक्रम में पूरक पठन के लिए
पुस्तकों के पढ़ने की सिफारिश की गई है। यह अपेक्षा की जाती है कि विद्यार्थी पाठ्यपुस्तकों
के अलावा अतिरिक्त पठन के रूप में कुछ पुस्तकें और पढ़ें। अतिरिक्त पठन में बच्चों की
रुचि उत्पन्न करने के लिए परिषद् ने 'अतिरिक्त पठन योजना' के अंतर्गत कुछ पुस्तकें
प्रकाशित करने का निर्णय लिया है। "रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा" इस श्रृंखला की
पहली कड़ी है। इस पुस्तक का संपादन प्रसिद्ध पत्रकार और लेखक स्व. डॉ. विश्वमित्र
उपाध्याय ने किया है।
जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय के भारतीय भाषा केंद्र के अवकाश प्राप्त प्रोफेसर एवं
अध्यक्ष डा. नामवर सिंह के प्रति अत्यंत आभारी हूँ जिन्होंने इस योजना में अपना महत्वपूर्ण
योग दिया एवं मार्गदर्शन भी किया।
सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी शिक्षा विभाग के अध्यक्ष प्रो. अर्जुन देव ने इस योजना
को नई दिशा प्रदान करने में अपना अमूल्य योग दिया। विभाग के सहकर्मी प्रो. रामजन्म शर्मा
ने इस योजना में प्रकाशित होने वाली पुस्तकों का संयोजन किया एवं पांडुलिपियों को अंतिम
रूप प्रदान किया। श्री शिवप्रकाश भसीन ने पुस्तक को तैयार करने में विशेष सहायता की।
मैं इन सभी के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित करता हूँ।