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रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

रामप्रसाद 'बिस्मिल' की आत्मकथा (काकोरी के अमर शहीद की जेल डायरी व आत्मकथा)

Autobiography of Ram Prasad Bismil

पं. रामप्रसाद 'बिस्मिल' (सम्पादक: बनारसीदास चतुर्वेदी) द्वारा

DevanagariHindipublished128 पृष्ठ

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90 रामप्रसाद बिस्मिल की आत्मकथा
के लिए सर्वप्रथम क्रांतिकारियों का संगठन ऐसा होना चाहिए कि अनेक विघ्न तथा
बाधाओं के उपस्थित होने पर भी संगठन में किसी प्रकार की त्रुटि न आए। सब
कार्य यथावत चलते रहें। कार्यकर्त्ता इतने योग्य तथा पर्याप्त संख्या में होने चाहिए
कि एक की अनुपस्थिति में दूसरा स्थान-पूर्ति के लिए सदा उद्यत रहे। भारत में कई
बार कितने ही षड्यंत्रों का भंडा फूट गया और सब किया कराया काम चौपट हो
गया। जब क्रांतिकारी दलों की यह अवस्था है तो फिर क्रांति के लिए उद्योग कौन
करे? देशवासी इतने शिक्षित हों कि वे वर्तमान सरकार की नीति को समझकर अपने
हानि-लाभ को जानने में समर्थ हो सकें। वे यह भी पूर्णतया समझते हों कि वर्तमान
सरकार को हटाना आवश्यक है या नहीं। साथ-ही-साथ उनमें इतनी बुद्धि भी होनी
चाहिए कि किस रीति से सरकार को हटाया जा सकता है। क्रांतिकारी दल क्या है?
वह क्या करना चाहता है? क्यों करना चाहता है? इन सारी बातों को जनता की
अधिक संख्या समझ सके, क्रांतिकारियों के साथ जनता की पूर्ण सहानुभूति हो, तब
कहीं क्रांतिकारी दल को देश में पैर रखने का स्थान मिल सकता है। यह तो
क्रांतिकारी दल की स्थापना की प्रारंभिक बातें हैं। रह गई क्रांति, सो वह तो बहुत दूर
की बात है।
क्रांति का नाम ही बड़ा भयंकर है। प्रत्येक प्रकार की क्रांति विपक्षियों को
भयभीत कर देती है। जहाँ पर रात्रि होती है तो दिन का आगमन जान
निशिचरों को दुख होता है। ठंडे जलवायु में रहने वाले पशु-पक्षी गर्मी के आने पर
उस देश को भी त्याग देते हैं। फिर राजनैतिक क्रांति तो बड़ी भयावनी होती है।
मनुष्य अभ्यासों का समूह है। अभ्यासों के अनुसार ही उसकी प्रकृति बन जाती
है। उसके विपरीत जिस समय कोई बाधा उपस्थित होती है, तो उनको भय प्रतीत
होता है। इसके अतिरिक्त प्रत्येक सरकार के सहायक अमीर और जमींदार होते हैं
ये लोग कभी नहीं चाहते कि उनके ऐशो-आराम में किसी प्रकार की बाधा
पड़े। इसलिए वे हमेशा क्रांतिकारी आंदोलन को नष्ट करने का प्रयत्न करते हैं।
यदि किसी प्रकार दूसरे देशों की सहायता लेकर, समय पाकर क्रांतिकारी दल