रामायण मीमांसा (स्वामी करपात्री जी महाराज - रामायण दार्शनिक महाग्रन्थ एवं सम्पूर्ण चरित्र-मीमांसा)
Ramayana Mimamsa of Swami Karpatri Maharaj
धर्मसम्राट् स्वामी करपात्री जी महाराज द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें८८२ रामायणमीमांसा द्वाविंश
पितरों का एक अहोरात्र = १ मास
देवताओं का एक अंहोरात्र = १ वर्ष
सत्ययुग काल—
४००० × ३६० = १४४०००० वर्ष
सन्धि— ४०० × ३६० = १४४००० वर्ष
सन्ध्यंश— ४०० × ३६० = १४४००० वर्ष
योग— = १७,२८००० वर्ष
त्रेता काल—
३००० × ३६० = १०८,०००० वर्ष
सन्धि— ३०० × ३६० = १०८,००० वर्ष
सन्ध्यंश— ३०० × ३६० = १०८,००० वर्ष
योग— = १२,९६००० वर्ष
द्वापर काल—
२००० × ३६० = ७२,०००० वर्ष
सन्धि— २०० × ३६० = ७२,००० वर्ष
सन्ध्यंश— २०० × ३६० = ७२,००० वर्ष
योग— = ८,६४००० वर्ष
कलियुग काल—
१००० × ३६० = ३६,०००० वर्ष
सन्धि— १०० × ३६० = ३६००० वर्ष
सन्ध्यंश— १०० × ३६० = ३६००० वर्ष
योग— = ४३२,००० वर्ष
चतुर्युग काल—
१७२८००० वर्ष
१२९६००० ,,
८६४००० ,,
४३२००० ,,
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४३२०००० वर्ष
ब्राह्म दिन =
४३२०००० × १००० = ४३२,००००००० वर्ष
ब्राह्म अहोरात्र =
८६४,००००००० वर्ष