राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें२
मूल्य
(१३) राजपूताने का इतिहास—दूसरा खंड ... अप्राप्य
(१४) राजपूताने का इतिहास—तीसरा खंड ... रु० ६)
(१५) राजपूताने का इतिहास—चौथा खंड ... रु० ६)
(१६) भारतवर्ष के प्राचीन इतिहास की सामग्री ... ॥)
(१७) ‡ कर्नल जेम्स टॉड का जीवनचरित्र ... ।)
(१८) ‡ राजस्थान-ऐतिहासिक-दन्तकथा—प्रथम भाग
('एक राजस्थान निवासी' नाम से प्रकाशित) ... अप्राप्य
(१९) × नागरी अंक और अक्षर ... अप्राप्य
सम्पादित
(२०) ✼ अशोक की धर्मलिपियां—पहला खंड
( प्रधान शिलाभिलेश्व ) ... रु० ३)
(२१) ✼ सुलेमान सौदागर ... रु० १॥)
(२२) ✼ प्राचीन मुद्रा ... रु० ३)
(२३) ✼ नागरीप्रचारिणी पत्रिका ( त्रैमासिक ), नवीन संस्करण,
भाग १ से १२ तक—प्रत्येक भाग ... रु० १०)
(२४) ✼ कोशोत्सव स्मारक संग्रह ... रु० ३)
(२५-२६) ‡ हिन्दी टॉड राजस्थान—पहला और दूसरा खंड
( इनमें विस्तृत सम्पादकीय टिप्पणियों-द्वारा टॉड-कृत
'राजस्थान' की अनेक ऐतिहासिक त्रुटियां शुद्ध
की गई हैं ) ... रु० ४)
(२७) जयानक-प्रणीत 'पृथ्वीराज-विजय-महाकाव्य' सटीक ... रु० ५)
(२८) जयसोम-रचित 'कर्मचंद्रवंशोत्कीर्तनकं काव्यम्' ... यंत्रस्थ
(२९) मुंहणोत नैणसी की ख्यात—दूसरा भाग ... रु० ४)
(३०) गद्य-रत्न-माला—संकलन ... रु० १॥)
(३१) पद्य-रत्न-माला—संकलन ... रु० ।।।)
‡ खङ्गविलास प्रेस, बांकीपुर-द्वारा प्रकाशित ।
× हिन्दी-साहित्य-सम्मेलन, प्रयाग-द्वारा प्रकाशित ।
✼ काशी नागरीप्रचारिणी सभा-द्वारा प्रकाशित ।
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ग्रन्थकर्त्ता-द्वारा रचित पुस्तकें 'व्यास एण्ड सन्स', बुकसेलर्स, अजमेर के यहां भी
मिलती हैं ।