राजपूताने का इतिहास (मेवाड़ राज्य का इतिहास व वीर गाथाएँ)
History of Rajputana & Mewar by Gaurishankar Ojha
महामहोपाध्याय पं. गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
पृष्ठ 32, कुल 534 में से
संदर्भ में पढ़ेंमहामहोपाध्याय रायबहादुर
साहित्यवाचस्पति डॉ० गौरीशंकर हीराचंद ओझा,
डी० लिट्०, अजमेर रचित तथा संपादित ग्रन्थ
स्वतन्त्र रचनाएं-
मूल्य
(१) प्राचीन लिपिमाला ( प्रथम संस्करण ) ... अप्राप्य
(२) भारतीय प्राचीन लिपिमाला
( द्वितीय परिवर्द्धित संस्करण ) ... अप्राप्य
(३) सोलंकियों का प्राचीन इतिहास-प्रथम भाग ... अप्राप्य
(४) सिरोही राज्य का इतिहास ... अप्राप्य
(५) बापा रावल का सोने का सिक्का ... ॥)
(६) वीरशिरोमणि महाराणा प्रतापसिंह ... ॥=)
(७) * मध्यकालीन भारतीय संस्कृति ... रु० ३)
(८) राजपूताने का इतिहास-पहली जिल्द
( द्वितीय संशोधित और परिवर्द्धित संस्करण ) ... रु० ७)
(६) राजपूताने का इतिहास-दूसरी जिल्द,
उदयपुर राज्य का इतिहास-पहला खंड ... अप्राप्य
उदयपुर राज्य का इतिहास-दूसरा खंड ... रु० ११)
(१०) राजपूताने का इतिहास-तीसरी जिल्द,
पहला भाग-डूंगरपुर राज्य का इतिहास ... रु० ४)
दूसरा भाग-बांसवाड़ा राज्य का इतिहास ... रु० ४॥)
तीसरा भाग-प्रतापगढ़ राज्य का इतिहास ... रु० ७)
(११) राजपूताने का इतिहास-चौथी जिल्द,
जोधपुर राज्य का इतिहास-प्रथम खंड ... रु० ८)
जोधपुर राज्य का इतिहास-द्वितीय खंड ... यंत्रस्थ
(१२) राजपूताने का इतिहास-पांचवीं जिल्द,
बीकानेर राज्य का इतिहास-प्रथम खंड ... रु० ६)
बीकानेर राज्य का इतिहास-द्वितीय खंड ... रु० ६)
- प्रयाग की "हिन्दुस्तानी एकेडमी"-द्वारा प्रकाशित । इसका उर्दू अनुवाद भी
उक्त संस्था ने प्रकाशित किया है। "गुजरात वर्नाक्युलर सोसाइटी" (अहमदाबाद) ने भी
इस पुस्तक का गुजराती अनुवाद प्रकाशित किया है, जो वहां से १) रु० में मिलता है ।