रैदास जी की बानी (सन्त रविदास - बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सम्पूर्ण साखी व पद)

रैदास जी की बानी (सन्त रविदास - बेलवेडियर प्रेस, इलाहाबाद - सम्पूर्ण साखी व पद)
Raidas Ji Ki Bani: Belvedere Steam Printing Press Allahabad
सन्त रविदास / रैदास (सम्पादक: बेलवेडियर प्रेस) द्वारा
DevanagariHindipublished52 पृष्ठ
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सगत क परताप महातम,
नाम गंगोदक पायो ॥१॥
स्वाँति बूँद बरसै फनि१ ऊपर,
सीस बिषै२ होइ जाई ।
ओही बूँद कै मोती निपजै,
संगति की अधिकाई ॥२॥
तुम चंदन हम रँड़ बापुरे,
निकट तुम्हारे आसा ।
संगत के परताप महातम,
आवै बास सुबासा ॥३॥
जाति भी ओछी करम भी ओछा,
ओछा कसब हमारा ।
नीचै से प्रभु ऊँच कियो है,
कह रैदास चमारा ॥४॥