प्रासाद मण्डन (मण्डन सूत्रधार - मन्दिर निर्माण, शिखर, मण्डप एवं वास्तु लक्षण सटीक)
Prasada Mandanam of Sutradhara Mandana with Commentary
मण्डन सूत्रधार (महाराणा कुम्भा के प्रधान वास्तुकार) द्वारा
पृष्ठ 263, कुल 278 में से
संदर्भ में पढ़ें( २१४ )
आय पु. संज्ञा विशेष जिसे गृहादि शुभाशुभ देखा जाता
जाता है, आठ की संख्या, लाभ ।
आयत वि लंबाई ।
आयतन न. देवालय, देवो की पंचायतन ।
आरात्रिक न. आरती ।
आर्द्रा स्त्री. छट्ठा नक्षत्र ।
आलय पु. वासस्थान, घर, देवालय ।
आसनपट्ट पु. बैठने का आसन, तकीया ।
इ ई
इन्दु पु. चद्रमा, एक की संख्या ।
इन्द्र पु. पूर्वदिशा का स्वामी, दिक्पाल, वास्तुदेव,
उद्गम घर का देव ।
इन्द्रकील न. स्तंभिका जो ध्वजा दंड को मजबूत रखने
के लिये साथ रखा जाता है ।
इन्द्रजय पु. वास्तुदेव
इन्द्रनील पु. केसरी जाति का तेरहवां प्रासाद, रत्न
विशेष ।
इन्द्रवारुणी स्त्री. बडी इन्द्रफला ओषधि ।
इन्द्रांश पु संज्ञाविशेष जो इमारती काम मे देखा
जाता है ।
इषु पु. पाच की संख्या, बाण.
इष्टका } स्त्री. ईंट
इष्टिका }
ईश पु. नंदी घर का देव, वास्तुदेव, ईशान कोना का
दिक्पाल, महादेव ।
ईश्वर पु. शिखर का देव, महादेव ।
ईश्वरी स्त्री. ओषधि विशेष, शिवलिङ्गी ।
उ ऊ
उच्छ्राय पु. ऊंचाई
उत्क्षिप्त न. गुंबज का ऊंचा उठा हुआ चंदोवा, छत ।
उत्तरंग न. द्वारशाखा के ऊपर का मथाला ।
उत्तरा स्त्री. उत्तराफाल्गुनी, उत्तराषाढा और उत्तरा-
भाद्रपद ये तीनो नक्षत्र ।
उत्तानपट्ट पु. बड़ा पाट ।
उत्सेध पु. ऊंचाई ।
उदक न. पानी, जल ।
उदच् अो. उत्तरदिशा ।
उदुम्बर न. द्वारशाखा का नीचला भाग देहली ।
उद्गम पु. प्रासाद के दीवार का आठवां थर जो सीडी
के आकार वाला है ।
उद्भिन्न पु. चार प्रकार के जातिकी आकृति वाली छत,
छत का एक भेद ।
उद्भिन्ना स्त्री. सातवी संवरणा ।
उपग्रह पु. नक्षत्रों की एक संज्ञा ।
उपरथ पु. कोने के पास का तीसरा कोना ।
उरुमञ्जरी स्त्री. उरुशृंग
उरुशृङ्ग } न. शिखर के भद्र ऊपर चढायें
उरःशृङ्ग } हुए शृंग
ऊर्ध्व त्रि. ऊंचाई, ऊपर,
ऊर्ध्वार्चा स्त्री. खड़ी मूर्ति ।
ऋ
ऋक्ष न. नक्षत्र, २७ की संख्या ।
ऋत्विज पु. यज्ञ करने वाले, यज्ञ दीक्षित।
ए ऐ
एकादश त्रि. ग्यारह की संख्या ।
ऐरावत पु. केसरी जाति का २१ वां प्रासाद ।
क
कङ्गु न. धान्य विशेष, कांग ।
कटि स्त्री. कमर, शरीर का मध्य भाग ।
कराक न. करणी, जाड्यकुंभ के ऊपर का थर ।
कणापीठ न. जाड्यकुंभ और करणी ये दो थरवाली
प्रासाद की पीठ
कणाली स्त्री. करणी नामका थर
कदाचन अ. कभी ।
कनीयस् त्रि. छोटा, लघु ।
कन्या स्त्री. छठी राशिका नाम ।
कपिली स्त्री. कवली, कोली, शुकनास के दोनो तरफ
शिखर के आकार वाला मंडप ।