प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
DevanagariHindipublished318 पृष्ठ
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या ... wait, उड़िया!
"उड़िया, गुजराती और मोडी ( मराठी ) लिपियां."
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( ग्रंथ लिपि—लिपिपत्र ५२-५६ )
लिपिपत्र ५२ वां—पल्लववंशी राजाओं के समय के १० लेखों और कूरम के दानपत्र से.
,, ५३ वां—पल्लव और पांड्यवंशी राजाओं के समय के लेख और दानपत्रों से.
,, ५४ वां—पल्लववंशी नन्दिवर्मन ( पल्लवमल्ल ) और गंगवंशी पृथ्वीपति ( दूसरे ) के दानपत्रों से
,, ५५ वां—कुलोत्तुंगचोड और विक्रमचोड के लेखों तथा बाणवंशी विक्रमादित्य के दानपत्र से
,, ५६ वां—पांड्यवंशो सुंदरपांड्य के लेख और यादव विरुपाक्ष तथा गिरिभूपाल के दानपत्रों से.
( कलिंग लिपि—लिपिपत्र ५७-५९).
,, ५७ वां—कलिंग नगर के