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सर्वकोश
प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

The Paleography of India by G.H. Ojha

रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा

DevanagariHindipublished318 पृष्ठ

पृष्ठ 232, कुल 318 में से

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पृष्ठ 232

Plate V.
लिपिपत्र पांचवां.
पभोसा और मथुरा के लेखों से उद्धृत किये हुए मुख्य मुख्य अक्षर.
(ई. स. पूर्व की पहिली शताब्दी के आसपास).
पभोसा के २ लेखों से.
अ आ ज क ढ त द र सा मि री पू ले गो ज्ञो
𑀅 𑀆 𑀚 𑀓 𑀠 𑀢 𑀤 𑀭 𑀲𑀸 𑀫𑀺 𑀭𑀻 𑀧𑀽 𑀮𑁂 𑀕𑁄 𑀚𑁆𑀜𑁄
मथुरा के ४ जैन लेखों से.
आं इं उ ख त द प फ म य र र र र व व व स
𑀆𑀁 𑀇𑀁 𑀉 𑀔 𑀢 𑀤 𑀧 𑀨 𑀫 𑀬 𑀭 𑀭 𑀭 𑀭 𑀯 𑀯 𑀯 𑀲
ह ळ मा कि शि शि गो पो तो मो च द्र र्ध स्य
𑀳 𑀴 𑀫𑀸 𑀓𑀺 𑀰𑀺 𑀰𑀺 𑀕𑁄 𑀧𑁄 𑀢𑁄 𑀫𑁄 𑀘 𑀤𑁆𑀭 𑀭𑁆𑀥 𑀲𑁆𑀬
महाक्षत्रप शोडास के समय के मथुरा के जैन लेख से:
अ आ क ज ठ ड त थ द ध न प भ म य र
𑀅 𑀆 𑀓 𑀚 𑀞 𑀟 𑀢 𑀣 𑀤 𑀥 𑀦 𑀧 𑀪 𑀫 𑀬 𑀭
ल व श स ह जा था दि घो शो क्ष त्त त्थ र्ध स्व
𑀮 𑀯 𑀰 𑀲 𑀳 𑀚𑀸 𑀣𑀸 𑀤𑀺 𑀖𑁄 𑀰𑁄 𑀓𑁆𑀱 𑀢𑁆𑀢 𑀢𑁆𑀣 𑀭𑁆𑀥 𑀲𑁆𑀯
[अभिलेख पं० १] 𑀭𑀸𑀜𑁄 𑀯𑀁𑀕𑀧𑀸𑀮𑀲 𑀅𑀳𑀺𑀙𑀢𑁆𑀭𑀸𑀥𑀺𑀧𑀢𑀺𑀦𑁄 𑀩𑁄𑀥𑀺𑀫𑀺𑀢𑁆𑀢𑀧𑁄𑀢𑁆𑀢𑀲
[अभिलेख पं० २] 𑀬𑀲 ---------- 𑀢𑁂𑀦𑁂𑀤𑀁 𑀮𑁂𑀡𑀁 𑀓𑀸𑀭𑀺𑀢𑀁 ----------
[अभिलेख पं० ३] 𑀲𑀯𑀦 𑀫𑀼𑀔𑀲𑀯𑀲 𑀅𑀫𑁄𑀳𑀺𑀦𑀸𑀬𑁂 𑀓𑁄𑀘𑀺𑀬𑀸𑀬𑁂
[अभिलेख पं० ४] 𑀭𑀡𑁄 𑀪𑀸𑀭𑀺𑀬𑀸𑀬𑁂 𑀯𑀸𑀡𑀲 𑀲𑀢𑁄 . 𑀪𑀤𑁆𑀭𑀖𑁄𑀱𑀲 𑀪𑀚𑀸𑀬𑀸
[अभिलेख पं० ५] 𑀢𑀲𑀸 𑀧𑀼𑀢𑁂𑀡 𑀫𑁄𑀳𑀺𑀬𑁂𑀡 𑀧𑀸𑀲𑀸𑀤𑁄 𑀭𑀢𑁄 𑀅𑀭𑀳𑀁𑀢𑀧𑀽𑀚𑀸𑀬𑁂
[अभिलेख पं० ६] 𑀦𑀸𑀦𑀸𑀯𑀺𑀥𑀸𑀬 𑀧𑀽𑀚𑀸𑀬 𑀉𑀧𑀝𑁆𑀞𑀺𑀢𑁄 𑀪𑀯𑀢𑀼 𑀲𑀯𑁆𑀯𑀲𑀢𑁆𑀢𑀸𑀦𑀁
CC-0.Dwivedi Lok Hitkari Pustakalaya, Ghaziabad. Digitzed by eGangotri