प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)

प्राचीन भारतीय लिपिमाला (महामहोपाध्याय गौरीशंकर हीराचन्द ओझा - लिपि-विज्ञान व कूट-पठन)
The Paleography of India by G.H. Ojha
रायबहादुर पण्डित गौरीशंकर हीराचन्द ओझा द्वारा
DevanagariHindipublished318 पृष्ठ
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परिशिष्ट में दिये हुए भिन्न भिन्न संवतों का ईसवी सन् से संबंध.
शताब्दी के अंक रहित सप्तर्षि संवत् = ई. स. २४-२५ (शताब्दी के अंक रहित).
कलियुग संवत् (गत) – ३१०१-३१०० = ईसवी सन्.
वीरनिर्वाण संवत् – ५२७-२६ = ईसवी सन्.
बुद्धनिर्वाण संवत् – ४८७ (?) = ईसवी सन्.
मौर्य संवत् -- ३२० (?) = ईसवी सन्.
सेल्युकिडि संवत् – ३१२-११ = ईसवी सन्.
चैत्रादि विक्रम संवत् (गत) – ५७-५६ = ईसवी सन्.
शक संवत् (गत) + ७८-७९ = ईसवी सन्.
कलचुरि संवत् + २४८-४९ = ईसवी सन्.
गुप्त संवत् + ३१९-२० = ईसवी सन्.
गांगेय संवत् + ५७० (?) = ईसवी सन्.
हर्ष संवत् + ६०६-७ = ईसवी सन्.
भाटिक