प्रबोधसुधाकर (हिन्दी अनुवाद सहित)

प्रबोधसुधाकर (हिन्दी अनुवाद सहित)
Prabodhasudhakara with Hindi Translation - Gita Press
आदि शङ्कराचार्य द्वारा
स्रोत: गीताप्रेस गोरखपुर · गीताप्रेस गोरखपुर · 1940 (उद्गम)
DevanagariSanskritpublished86 पृष्ठ
पृष्ठ 9, कुल 86 में से
संदर्भ में पढ़ेंपृष्ठ 9
ॐ श्रीपरमात्मने नमः
प्रबोधसुधाकर
देह-निन्दा
नित्यानन्दैकरसं सच्चिन्मात्रं स्वयंज्योतिः ।
पुरुषोत्तममजमीशं वन्दे श्रीयादवाधीशम् ॥ १ ॥
नित्य एकरस आनन्दस्वरूप, सच्चिन्मात्र, स्वयंप्रकाश,
पुरुषोत्तम, अजन्मा और ईश्वर, यदुनाथ श्रीकृष्णचन्द्रकी वन्दना
करता हूँ।
यं वर्णयितुं साक्षाच्छ्रुतिरपि मूकेव मौनमाचरति ।
सोऽस्माकं मनुजानां किं वाचां गोचरो भवति ॥ २ ॥
जिनका साक्षात् ( विधि-मुखसे ) वर्णन करनेमें श्रुति भी
मूकके समान मौन हो जाती हैं, वे ( भगवान् ) क्या हम मनुष्यों-
की वाणीके विषय हो सकते हैं ?
यद्यप्येवं विदितं तथापि परिभाषितो भवेदेव ।
अध्यात्मशास्त्रसारैर्हरिचिन्तनकीर्तनाभ्यासैः ॥ ३ ॥
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