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सर्वकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

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पृष्ठ 677

परिशिष्ट कालचक्र दशा में अन्तर्दशा समय ६७६
| ग्रह (राशि) | पूर्णायु १०० वर्ष<br>व.मा.दि. | पूर्णायु ८६ वर्ष<br>व मा.दि. | पूर्णायु ८५ वर्ष<br>व.मा.दि. | पूर्णायु ८३ वर्ष<br>व.मा.दि. |
| :--- | :--- | :--- | :--- |
| सूर्य × सूर्य | ०-३- ० | ०-३-१५ | ०-३-१५ | |
| ,, × चन्द्र | १-०-१८ | १-२-२० | १-२-२५ | |
| ,, × मंगल | ०-४- ६ | ०-४-२७ | ०-४-२८ | |
| ,, × बुध | ०-५-१२ | ०-६- ८ | ०-६-१० | |
| ,, × गुरु | ०-६- ० | ०-६-२९ | ०-७- १ | |
| ,, × शुक्र | ०-९-१८ | ०-११-५ | ०-११-९ | |
| ,, × शनि | | ०-२-२४ | ०-२-२५ | |
| चन्द्र × चन्द्र | ४-४-२८ | ५-१-१६ | ५-२- ८ | |
| ,, × मंगल | १-५-२० | १-८-१५ | १-८-२३ | |
| ,, × बुध | १-१०-२० | २-२-११ | २- २-२१ | |
| ,, × गुरु | ०-१०-२४ | २-५- ९ | २- ५-२० | |
| ,, × शुक्र | ३- ४-१० | ३-१०-२६ | ३-११-१३ | |
| ,, × शनि | | ०-११-२२ | ०-११-२६ | |
| मंगल × मंगल | ०-५-२६ | ०-६-२५ | ०-६-२७ | ०- ७-२ |
| ,, × बुध | ०-७-१७ | ०-८-२४ | ०-८-२७ | ०- ९-४ |
| ,, × गुरु | ०-८-१२ | ०-९-२३ | ०-९-२७ | ०-१०-४ |
| ,, × शुक्र | १-१-१३ | १-३-१९ | १-३-२४ | १- ४-६ |
| ,, × शनि | | ०-३-२७ | ०-३-२९ | ०- ४-९ |