सामग्री पर जाएँ
सर्वकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

पृष्ठ 654, कुल 684 में से

संदर्भ में पढ़ें
पृष्ठ 654

छब्बीसवाँ अध्याय : गोचरफल ६५३
पूर्व
। घ ङ छ ।
ईशान आग्नेय
┌─────┬────┬────┬────┬───────────┬────┬─────┬────┬────┐
│ अ │ कृ │ रो │ मृ │ आ │ पु │ पु │ आ │ आ │
├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤
│ भ │ उ │ अ │ व │ क │ ह │ ङ │ ऊ │ म. │
├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤
│ अ │ ल │ लृ │वृष │ मिथुन │कर्क│ लृ │ म │ पू.│
├─────┼────┼────┼────┼───────────┼────┼─────┼────┼────┤
│ रे │ च │ मं.│ ओ │सू. नन्दा मं│ ओ │ सि. │ ट │ उ │
┌────┐