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सर्वकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

पृष्ठ 58, कुल 684 में से

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पृष्ठ 58

तीसरा अध्याय : वर्ग विभाग ५७
पराशर होरा में इन सात भागों को क्रमशः (१) क्षार (२) क्षीर,
(३) दधि, (४) आज्य, (५) इक्षुरस, (६) मद्य, (७) शुद्ध जल
कहा गया है।
नवांश चक्र

भागमे.वृ.मि.क.सिं.क.तु.वृ.ध.म.कुं.मी.अंश
प्रथम भाग११०७४११०७४११०७४३-२०
द्वितीय ,,२११८५२११८५२११८५६-४०
तृतीय ,,३१२९६३१२९६३१२९६१०-०
चतुर्थ ,,४११०७४११०७४११०७१३-२०
पंचम ,,५२११८५२११८५२११८१६-४०
षष्ठ ,,६३१२९६३१२९६३१२९२०-०
सप्तम ,,७४११०७४११०७४११०२३-२०
अष्टम ,,८५२११८५२११८५२११२६-४०
नवम ,,९६३१२९६३१२९६३१२३०-०
दशमांश चक्र
मे.वृ.मि.क.सिं.क.तु.वृ.ध.म.कु.मी.अंश
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११०३१२५२७४९६११८३
२११४१६३८५१०७१२९६
३१२५२७४९६११८११०९
४१६३८५१०७१२९२१११२
५२७४९६११८११०३१२१५
६३८५१०७१२९२१०४११८
७४९६११८११०३१२५२२१
८५१०७१२९२११४१६३२४
९६११८११०३१२५२७४२७
१०७१२९२११४१६३८५३०