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सर्वकोश
फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

फलदीपिका (मन्त्रेश्वर दैवज्ञ - सम्पूर्ण २८ अध्याय, भाव-विचार, दशा-फल एवं गोचर सटीक)

Phaladeepika of Mantreshwara Daivajna with Commentary

मन्त्रेश्वर दैवज्ञ (टीकाकार: पं. सूर्यनारायण व्यास) द्वारा

DevanagariHindipublished684 पृष्ठ

पृष्ठ 579, कुल 684 में से

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पृष्ठ 579

५७८ फलदीपिका
त्रिकोण शोधन के बाद मेष, वृश्चिक, वृष-तुला मिथुन-कन्या,
धनु-मीन, मकर-कुंभ इन दो दो राशियों में निम्नलिखित १४ प्रकार की
परिस्थिति हो सकती है ।
एक राशि दूसरी राशि
ग्रहयुक्त ग्रहयुक्त
१. समान बिन्दु समान बिन्दु
२. अधिक " कम "
३. अधिक " शून्य "
४. शून्य " शून्य "
—————————————— ——————————————
ग्रहयुक्त ग्रहहीन
५. समान बिन्दु समान बिन्दु
६. अधिक " कम "
७. अधिक " शून्य "
८. कम " अधिक "
९. शून्य " अधिक "
१०. शून्य " शून्य "
—————————————— ——————————————
ग्रहहीन ग्रहहीन
११. समान बिन्दु समान बिन्दु
१२. अधिक " कम "
१३. अधिक " शून्य "
१४. शून्य " शून्य "