पंचतन्त्रम् (सटीक - सम्पूर्ण पाँचों तन्त्र)
पण्डित विष्णु शर्मा द्वारा
स्रोत: पंचतन्त्रम् (सटीक - सम्पूर्ण पाँचों तन्त्र) · श्रीवेङ्कटेश्वर स्टीम प्रेस, बम्बई · 1910 (उद्गम)
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संदर्भ में पढ़ेंभाषाटीकासमेतम् । (४४५)
किसी स्थानमें उज्ज्वलंक नाम रथकार रहता था । वह अति दरिद्र होकर
विचारने लगा । "अहो हमारे घरकी दरिद्रताको धिकार है । जो कि सम्पूर्ण
मनुष्य अपने कर्ममे रत हुए स्थित हैं । हमारा कार्य्य तो इस स्थानमें नहीं
चलता । जो कि सम्पूर्ण लोकोके पुराने चार कोष्ठके घर हैं । मेरा नहीं है सो
क्या मेरे रथकार होनेसे प्रयोजन है" । ऐसा विचार कर देशसे चलागया ।
जबी कुछ दूर वनमें पहुचा कि, सूर्य्यके अस्त समय अपने यूथसे भ्रष्ट हुई प्रस-
वपीडासे युक्त एक ऊटनीको देखा । वह उस बच्चेसे युक्त ऊटनीको लेकर अपने
घरको चला, घरमें प्राप्त हो रस्सी ले उससे उस ऊटनीको बाधता हुआ । तीव्र
(तीक्ष्ण) कुल्हाडीको लेकर उसके निमित्त पत्ते लेनेको पर्वतके एक स्थानमें गया।
वहा नूतन कोमल बहुतसे पत्ते छेदनकर शिरपर धारणकर उसके आगे डाल
देता हुआ । वहभी उनको शनैः २ भक्षण करने लगी तब रातदिन पल्लव
भक्षणके प्रभावसे पुष्ट शरीर ऊटनी होगई । और दासेरकभी महान् ऊट होगया।
तबतक नित्यही दूधको ग्रहणकर अपने कुटुम्बकी पालना करता । तब रथका-
रने प्यारके कारण ऊटके बच्चेकी गर्दनमें वडा घटा बाध दिया । पीछे रथकार
विचारने लगा । "अहो ! और दुष्कृत कर्मोंसे क्या है जबसे मैं इस ऊटके
पालन करने लगा उससे इस कुटुम्बकी कुशल हुई सो अब और व्यापारसे
क्या है" ऐसा विचार घर आनकर अपनी प्रियासे बोला- "भद्रे !' यह व्यापार
अच्छा है । जो तेरी सम्मति हो तो किसी धनीसे कुछ द्रव्य लाकर मैं ऊटके
बच्चे ग्रहण करनेको गुर्जर देशमें जाऊगा । तबतक तु इन दोनोंकी यत्नसे रक्षा
कर । जबतक मैं और ऊटनीको लाउ "। तब वह गुर्जर देशमें जाय ऊटनीको
ग्रहणकर अपने घर आया । बहुत कहनेसे क्या है उसने वह किया जो उसके
बहुतसे ऊटके बच्चे होगये । तब उसने वडा ऊटोंका यूथ कर एक रक्षा पुरुष
रक्खा । उस रक्षकको नौकरीमें प्रतिवर्ष एक ऊटका बच्चा देता । और प्रतिदिन
दूधपानभी उसको निरूपण करदिया । इस प्रकार रथकार नित्यही ऊटनी ऊटके
बच्चोका व्यापार करता सुखसे स्थित था । और वे ऊटके बच्चे घरके उपवनमे
भोजनको जाते । कोमल बेलें यथेच्छ भोजनकर बडे सरोवरमे पानी पीकर
संध्यासमय मन्द २ लीलासे घरको आते । और वह पहला बच्चा मदके अधिक
होनेसे पीछे आकर मिलता । तब उन बच्चोंने कहा-"अहो-! यह बच्चा वडा