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सर्वकोश
पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)

पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)

Panchasayaka of Kavishekhara Jyotirishvara with Commentary

कविशेखर ज्योतिरीश्वर (सम्पादक: पं. श्रीधर शास्त्री) द्वारा

DevanagariSanskritpublished109 पृष्ठ

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  • Wait, what is the character after ण्यः? It looks like ?— or ;— or just a smudge and a dash —. It has a question mark or hook: ?— or :- or ;—. Let's provide ?— or — as seen. It looks like ?—.
  • Line 11: रतिशास्त्रपरिज्ञानविमूढा ये नराधमाः ।
  • Line 12: रतिं स्वगतिहीनायां विधित्सन्ति गतायुषः ॥ १ ॥
  • Line 13: अवश्यं मरणं तेषां भवेदिति विनिश्चितम् ।
  • Line 14: अतोऽपि रतिशास्त्रस्य ज्ञानमावश्यकं मतम् ॥ २ ॥
  • Line 15: ये च केचिदिदानीन्तना नव्यसभ्यम्मन्या विद्वांस एवंगुणविशिष्टं- (Wait, does it have an anusvara? Line 15 ends with एवंगुणविशिष्ट- with a hyphen).
  • Line 16: रतिशास्त्रं दुर्व्यसनादिप्रवृत्तिप्रयोजकत्वरूपेण सन्दूषयन्ति तदवि-
  • Line 17: