पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)

पञ्चसायक (कविशेखर ज्योतिरीश्वर - कामकला एवं रति-शास्त्र संस्कृत मूल पाठ)
Panchasayaka of Kavishekhara Jyotirishvara with Commentary
कविशेखर ज्योतिरीश्वर (सम्पादक: पं. श्रीधर शास्त्री) द्वारा
DevanagariSanskritpublished109 पृष्ठ
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॥ ॐ ॥
नितान्तं गोपनीयम् !
❄ पञ्चसायकः ❄
श्रीकविशेखर ज्योतिरीश्वराचार्य-
विरचितः
पालयँल्लौकिकीं पुण्यां पुमर्थत्रयस्थितिम् ।
कामशास्त्ररहस्यज्ञः सुखं प्राप्नोति शाश्वतम् ॥१॥
श्रीमद्दैवज्ञरत्न पण्डित-जीवानन्दशर्मतनूजेन
वैद्यराज थपलियालोपाह्वेन
सदानन्द-शास्त्रिणा परिशोधितः
सारगर्भितया भूमिकया विषयसूच्यादिभिश्च संयोजितः ।
प्राप्तिस्थानम्— मोतीलाल बनारसीदास,
पञ्जाब संस्कृत पुस्तकालय,
सैदमिट्ठा बाजार लाहौर ।