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सर्वकोश
पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

पद्मावत (मलिक मोहम्मद जायसी - सटीक ऐतिहासिक महाकाव्य)

Padmavat with Hindi Commentary

मलिक मोहम्मद जायसी / पं. रामचन्द्र शुक्ल द्वारा

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पृष्ठ 5

४ पद्मावत ।
परबतैं^१ ढहिदेखत सबलोगू । चांटहिं^२ करहिहस्तैं^३ सरयोगू ॥
बज्रहि^४ तिनकहिं मार उड़ाई । तिनैं वज्रै करि देइ बड़ाई ॥
ताकर कीन्ह न जानै कोई । करै सोइ जो मन चिन्तन होई ॥
काहू भोगभुक्ति^५ सुख सारा । काहू भूख बहुत दुख मारा ॥
दो० सबै नाशँ^६ वह इस्थिर^७, ऐसो साज जेहिकेर ।
एक साँजी औ भाजी^८, चहै सवारै^६ फेर ॥
अलखँ^१० अरूप अवरन सो कर्त्ता । वह सबसों सब वह सों बेर्त्ता ॥
प्रकटैं^११ गुप्तैं^१२ सो सर्वव्योपी^१३ । धर्मी चीन्ह न चीन्है पापी ॥
ना वह पूत नहिं पिता न माता । नावहु कुटुँबन कोइसंगनाता ॥
जनौं^१४ न काहि न कोइवैजनौँ^१५ । जहँलगसब ताकी सिरजनौँ^१६ ॥
वै सब कीन्ह जहांलग कोई । वहनहिं कीन्हकाहुकर होई ॥
हति^१७ पहिले औ अबहै सोई । पुनि सो रहै रहै नहिं कोई ॥
और जो होय सो बावर अन्धा । दिन दुइ चारि मरै कर धन्धा ॥
दो० जो वह चहा सो कीन्हेसि, करै जो चाहै कीन्ह ।
बरजनहारँ^१८ न कोई, सबै चाहि जेउ दीन्ह ॥
बिनंबुंधि^१९ चहिजोकरहोय ज्ञानू । जसपुराणमहिं लिखाबखानू ॥
जीव नाहिं पै जिये गुसाईं । करै^२० नाहीं पै करै सबाई^२१ ॥
जीभ नाहिं पै सबकुछ बोला । तन नाहीं सब ठाहरैं^२२ डोला ॥
श्रवणैं^२३ नाहिं पै सबकुछ सुना । हियौँ^२४ नाहिं पै सबकुछ गुना^२५ ॥
पहाड़ १ चींवटी २ हांथी ३ पत्थर ४-५ रोज़ी ६ नाश होनेवाला ७
क़ायम ८ बनाना और बिगाड़ना ६ जिसको कोई न देखसके १० नज़दीक
११ ज़ाहिर १२ छिपा १३ सब चीज़ में बिराजमान और सब चीज़ उसमें
मौजूद १४ पैदा होना १५-१६ पैदायश १७ पहिले था १८ मना करने
वाला १६ अक़्ल २० हाथ २१ सब २२ जगह २३ कान २४ दिल २५ ॥