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सर्वकोश
न्यायकुसुमाञ्जलि (उदयनाचार्य - ईश्वर-सिद्धि दार्शनिक तर्कशास्त्र एवं सान्वय सटीक)

न्यायकुसुमाञ्जलि (उदयनाचार्य - ईश्वर-सिद्धि दार्शनिक तर्कशास्त्र एवं सान्वय सटीक)

Nyayakusumanjali of Udayanacharya with Commentary

आचार्य उदयन द्वारा

DevanagariHindipublished608 पृष्ठ

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पृष्ठ 1

॥ श्रीः ॥
काशी संस्कृत ग्रन्थमाला
३०
॥ श्रीः ॥
श्रीमदुदयनाचार्यप्रणीतः
न्यायकुसुमाञ्जलिः
( व्याख्याचतुष्टयोपेतः सटिप्पणः )
श्रीमद्वरदराजप्रणीतया 'बोधन्या' महोपाध्यायश्रीवर्धमानोपाध्याय-
प्रणीतेन 'प्रकाशेन' नैयायिकशिरोमणिश्रीमेघठक्कुरप्रणीतया
'प्रकाशिकया' ( जलदेन ) महोपाध्यायश्रीरुचिदत्तो-
पाध्यायप्रणीतेन 'मकरन्देन' सर्वतन्त्रस्वतन्त्र-
श्रीधर्मदत्त (बच्चाझा) प्रणीतया 'टिप्पण्या'
च समुल्लसितः ।
सम्पादकौ
न्यायाचार्यः श्रीपद्मप्रसादोपाध्यायः
तथा
न्यायाचार्यः श्रीढुण्ढिराजशास्त्री
प्राक्कथनलेखकः
महामहोपाध्यायः श्रीगोपीनाथकविराज एम. ए.
प्रस्तावनालेखकः
पण्डितराजः श्रीराजेश्वरशास्त्री द्राविडः
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(HPD) on 21 April 2014