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सर्वकोश
न्यायबिन्दु (आचार्य धर्मकीर्ति - धर्मोत्तर टीका एवं पं. चन्द्रशेखर शास्त्री सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

न्यायबिन्दु (आचार्य धर्मकीर्ति - धर्मोत्तर टीका एवं पं. चन्द्रशेखर शास्त्री सविस्तार हिन्दी व्याख्या सहित)

Nyayabindu of Dharmakirti with Dharmottara Tika

आचार्य धर्मकीर्ति (टीकाकार: धर्मोत्तरोपाध्याय / चन्द्रशेखर शास्त्री) द्वारा

DevanagariHindipublished176 पृष्ठ

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भूमिकाविषयसूची
विषय पृष्ठ
( १ ) प्राथमिक निवेदन १
( २ ) बौद्धन्यायके इतिहासपर एक दृष्टि २
धर्मोत्तराचार्य १०
( ३ ) धर्मकीर्ति ,,
जीवनचरित्र ,,
धर्मकीर्ति और कुमारिल ११
दिग्विजय १२
समय ,,
रचनायें १३
( ४ ) धर्मकीर्तिका सम्प्रदाय ,,
( ५ ) धर्मकीर्तिका बौद्धन्यायमें स्थान १४
( ६ ) धर्मकीर्तिकृत दिङ्नागका खण्डन १५
इष्टविघातकृत् विरुद्ध ,,
विरुद्धव्यभिचारी १६
दृष्टान्तका कार्य ,,
( ७ ) न्यायबिन्दु तथा उसका न्याय १७
प्रथम परिच्छेद १८
द्वितीय परिच्छेद २१
स्वभाव, कार्य और अनुपलब्धि २३
तृतीय परिच्छेद २४
असिद्ध, विरुद्ध और अनैकान्तिक ,,
( ८ ) न्यायबिन्दु में अन्य दर्शनों के सिद्धान्त ,,
( ९ ) न्यायबिन्दु की टीकाएं २५
(१०) न्यायबिन्दु में बौद्धदर्शनके सिद्धान्त २६
धन्यवाद २७
द्वितीय संस्करण की भूमिका २८
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