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नारद पञ्चरात्र (भारद्वाज संहिता - वैष्णव आगम एवं प्रपत्ति-धर्म सटीक)

Narada Pancharatra Bharadwaja Samhita with Commentary

महर्षि भारद्वाज / देवर्षि नारद द्वारा

DevanagariHindipublished176 पृष्ठ

कर्मकाण्ड सम्बन्धी हमारे कुछ प्रकाशन
अन्त्येष्टि श्राद्ध कर्म पद्धति (संस्कृत) पत्राकार व पुस्तकाकार
उपाकर्म पद्धति मूल "श्रावणी कर्म" के लिये परमोपयोगी
ग्रह शांति-हिन्दी टीका सहित (शुक्ल यजुर्वेदोक्त)—इसमें मातृस्थापन पूजन
आभ्युदीपक श्राद्ध पद्धति और ग्रहशांति है। यह यज्ञोपवीत तथा विवाहादि शुभ कर्म में
बहुत उपयोगी है
गौडीय श्राद्ध प्रकाश महानिबन्ध—स्व० पं० चतुर्थीलालजीकृत, (मूलमात्र, पत्राकार)
सभी श्राद्ध, पितृकर्म संबंधी सभी वैष्णवादि पूजनादिकों का अपूर्व संग्रह
नित्य कर्म प्रयोग माला—स्व० पं० चतुर्थीलालजीकृत, नित्य नियम के ६२ विषयों
सहित। संस्कृत में
प्रेत मञ्जरी—हिन्दी टीका सहित। वैतरणी दान प्रेतदाहविधि, दशाहादि श्राद्ध,
एकादशाहश्राद्ध, वृषोत्सर्ग, शय्यादानादि सपिंडी श्राद्ध, षोडश, मासिक श्राद्ध प्रयोग,
त्रयोदशाहपद दानादि है। पुस्तकाकार व पत्राकार दोनों में उपलब्ध
व्रतोद्यापन प्रकाश—स्व० पं० चतुर्थीलालजीकृत। मूलमात्र पत्राकार व सजिल्द में
उपलब्ध
सुगम विवाह पद्धति—(गंगाधारी)—हिन्दीटीकासहित
सर्वदेव प्रतिष्ठा प्रकाश—पं० चतुर्थीलालजीकृत। सम्पूर्ण देवताओं की सर्वोत्तम प्रतिष्ठा
विधि और प्रतिष्ठोपयोगी अनेकों प्रकार के कुंड, मण्डल, यंत्र आदि के चित्र बनाने तथा
रंग पूरने की विधि भी है।
संस्कार प्रकाश—स्व० पं० चतुर्थीलालजीकृत। इसमें षोडश संस्कार, लुप्त संस्कार
प्रायश्चित, व्रात्यप्रायश्चित प्रयोग, पुनरुपनमन प्रकार इत्यादि सभी विषय है। मूल मात्र
संस्कृत में। सजिल्द
वासिष्ठी हवन पद्धति—हिन्दी टीका सहित
विष्णु पूजन विधि—हिन्दी टीका सहित
विवाह सोपांगविधि—'वालोवोधिनी' नामक हिन्दी टीका सहित
शांति प्रकाश—स्व० पं० चतुर्थीलालजीकृत। इसमें गणपत्यादि पूजन, पुण्याह वाचन,
कलश स्थापनादि और विनायकादि ३० शांति प्रयोग तथा वास्तु शांति तथा वास्तु
शांति प्रयोगादि समन्त्रक हैं। मूल मात्र पत्राकार
सकाम शिवपूजन विधान हिन्दीटीकासहित—वैदिक, तांत्रिक मन्त्रों से शिव पूजन
स्वस्तिवाचन (पुण्याहवाचन) प्रायः समस्त शुभकर्मों में पढ़ा जाता है।
संध्योपासन—हिन्दीटीकासहित देवर्षि पितृतर्पण सहित
हरिद्रामातृका पूजा—विवाहादि मंगल करने योग्य
(चातुर्थीलाली) उपनयनपद्धति—सटिप्पणीका नवीन आवश्यक विषयों से अलंकृत
'यज्ञोपवीत संस्कार' कराने के लिये परमोयोगी

हमारे यहाँ से प्रकाशित कुछ रामानुज सम्प्रदाय-ग्रंथ
अर्चावतार स्थल वैभव दर्पण-दिव्य देश तीर्थ यात्रा हि.टी.स.
आल्वन्दार स्तोत्र-सान्वय हिन्दी टीका सहित ............
रामपटल-हिन्दीटीका सहित .............
द्राविडाम्नाय दिव्यप्रबंध-(संस्कृत अनुवाद) अनुवादक श्रीकांची
जगदाचार्यसिंहासनाधीश प्रतिवादिभयंकर श्रीमदण्णङ्गराचार्य।
सुदर्शनशतक-हिन्दी टीका और सुदर्शनकवच............
(बृहत्) स्तोत्ररत्नावली-प्रथम भाग .............
श्री गोंदाभक्ति चालीसा-(नवीन प्रकाशन) ..........
धर्म शास्त्र-ग्रंथ
आन्हिक कर्म सूत्रावली (मूलमात्र) शुक्ल यजुर्वेदी माध्यनन्दिन वाजसनेयि शाखा
क्लों के लिये परमोपयोगी ........
कर्मविपाक-(नक्षत्र चरणगत) हिन्दी टीका सहित ........
धर्मसिन्धु-पं० मिहिरचन्द्रजी कृत हि .टी . सहित तथा पूर्वोक्त सर्वालंकारों से
विभूषित।
निर्णय सिन्धु-पं. ज्वालाप्रसाद मिश्रकृत- हि.टी . सहित
ब्राह्मणोत्पत्ति मार्तण्ड भा .टी (बृहज्ज्योतिषार्णवान्तर्गत षष्ठ मिश्रस्कन्धोक्त)
हिन्दी टीका सहित ........
व्रतराज-(दैवज्ञ कुल भूषण, याज्ञिक शिरोमणि संगमेश्वरोपाव्ह श्री विश्वनाथ शर्मा
विरचित)
सौभाग्य लक्ष्मी-हि .टी . सहित। इसमें लक्ष्मीदेवी के प्रसन्न करने के आधनीत
स्त्रभूतो, कवच व सदाचारों का वर्णन है।

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