मूलमध्यमककारिका (आचार्य नागार्जुन - चन्द्रकीर्ति प्रणीत प्रसन्नपदा व्याख्या सहित)

मूलमध्यमककारिका (आचार्य नागार्जुन - चन्द्रकीर्ति प्रणीत प्रसन्नपदा व्याख्या सहित)
Mulamadhyamakakarika of Nagarjuna with Prasannapada Commentary
आचार्य नागार्जुन (टीकाकार: आचार्य चन्द्रकीर्ति) द्वारा
DevanagariSanskritpublished176 पृष्ठ
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६ मध्यमकशास्त्रे [ १.३-
विग्रहव्यावर्त्तन्यां चोक्तम्—
यदि काचन प्रतिज्ञा स्यान्मे तत एव मे भवेद्दोषः।
नास्ति च मम प्रतिज्ञा तस्मान्नैवास्ति मे दोषः॥
यदि किंचिदुपलभयेयं प्रवर्तयेयं निवर्त्तयेयं वा।
5 प्रत्यक्षादिभिरर्थैस्तदभावान्मेऽनुपालम्भः॥
[ विग्रहव्यावर्