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मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

मुकुन्दमाला स्तोत्रम् (कुलशेखर आलवार - संस्कृत मूल एवं सान्वय हिन्दी व्याख्या)

Mukundamala Stotram of Kulasekhara Alwar with Commentary

कुलशेखर आलवार (राजा कुलशेखर) द्वारा

DevanagariHindipublished167 पृष्ठ

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९० मुकुन्दमाल
अत्लुगाक भगवन्तुडु लेडनि वादिञ्चि भ्रम कलिगिञ्चेदरु.
अट्टिवारिनि तलम्पकुन्दुनुगाक!
कुल : भुवनपते=नीवु अणुवुलो अणुवै महात्तुनकु महात्तै
उण्डगा लेडनि चेप्पु पापिनि स्मरिम्पनगुना?
स्वामि : अत्तुलैन नी केमि कावलेनु?
कुल : नी कैङ्कर्य सम्बन्ध मुण्डवलयुनु. अत्लुलेकये जन्म
मुण्डरादु. कान स्वामी! पापात्मुनि चूडकुण्डुट, नी
सम्बन्धमु लेनिकथ विनकुण्डुट, निन्नु द्वेषिञ्चु वानिनि
स्मरिम्पकुण्डुट, प्रतिजन्ममुनन्दुनु नी कैङ्कर्यमु कलिगि
युण्डुट अनु नाल्गु वरमुलनु प्रसादिम्पुमु.
१६
जिह्वे कीर्तय केशवं मुररिपुं चेतो भज श्रीधरं
पाणिद्वन्द्व समर्च याच्युतकथा श्श्रोत्रद्वय त्वं शृणु,
कृष्णं लोकय लोचनद्वय हरे र्गच्छाङ्घ्रियुग्मालयं
जिघ्र घ्राण मुकुन्द पादతులసీం/पादतुलसीं मूर्ध न्नमाधोक्षजम्.
जिह्वे=ओ नालुका, केशवं=केशवुनि, कीर्तय=पाडुमु, चेतः=ओ
मनसा! मुररिपुं=मुरासुरुनिकी शत्रुवैन विष्णुवुनु, भज=सेविं
पुमु, पाणिद्वन्द्व=चेतुलजण्टा (रेण्डुचेतुलारा), श्रीधरं=लक्ष्मी
देविनी (रॊम्मुनन्दु) धरिञ्चिनवानिनि, समर्चय=चक्कगा पूज
सेयुमु, श्रोत्रद्वय=ओ चेवुलजण्टा, अच्युतकथाः=विष्णुकथलनु,
त्वं=नीवु, शृणु=विनुमु, लोचनद्वय=ओ कन्नुलजण्टा, कृष्णं=श्रीकृ
ष्ण्नि, लोकय=चूडुमु, अङ्घ्रियुग्म=ओ काळ्ळजण्टा, हरेः=विष्णु
नियॊक्क, आलयं=गुडिनि, गच्छ=पॊन्दुमु, घ्राण=ओ नासिका,
मुकुन्दपाद तुलसीं=विष्णुवुयॊक्क पादमुलन्दलि तुलसीदळमुनु,
जिघ्र=वासनचूडुमु, मूर्धन्=ओ शिरमा, अधोक्षजं=विष्णुवुनु,
नम=म्रॊक्कुमु.