मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
पृष्ठ 58, कुल 365 में से
संदर्भ में पढ़ें२१
बाँसुरी वर्णन
ब्रजभाषा में प्राप्त पद
१ कान्हा रसिया वृन्दावन बासी ५१० "
⸚ (१) म्हाँरी बालपना की परीति थ्रे निभाज्यो रैना ५१० "
२ आजु मैं देख्यो गिरधारी ५११ २८५
३ प्यारी मैं ऐसे देखे श्याम ५१२ २८५
४ कही ऐसे देखे री घनश्याम ५१३ २८६
५ बाँकैं साँवरियाँ ने घेरि मोहि आन के ५१४ "
६ भई हो बावरी सुनके बाँसुरी ५१५ "
७ मुरलिया बाजे जमुना तीर ५१६ "
८ मोरे अँगना मे मुरली बजाय गयो रे ५१७ २८७
९ कवन गुमान भरी बसी तू ५१८ "
१० राधा प्यारी दे डारो जू बसी हमारी ५१९ २८८
˙ (१) श्री राधे रानी, दे डारो बसी मोरी ५१९ "
११ चालो मन गगा जमुनी तीर ५२० २८९
१२ बंसीवारे हो कान्हा मोरी रे गगरी उतार. ५२१ "
१३. तो सु लाग्यो नेहरा, प्यारे नागर नद कुमार ५२२ २९०
१४. गावे राग कल्याण, मोहन गावे राग कल्याण ५२३ "
१५. गौडी तो अब मिट गई, जब अस्त भयो है भाण ५२४ "
गुजराती में प्राप्त पद
१. वागे छे रे, वागे छे रे, पेला बनडा माँ ५२५ २९१
२. ए रे मोरली बृन्दावन वागी .. ५२६ "
३ चालो नी जोवा जइये रे, माँ मोरली वागी ५२७ "
४ एक दिन मोरली बजाई कनैय्या .. ५२८ २९२
५ लीधाँ रे लटके, म्हाँरा मन लीधाँ रे लटके . ५२९ "
६ मोरली ए मोह्याँ मोहन, तारी मोरली ए मन मोह्याँ ५३० "
७ मार्या छे मोहन बाण, बाँली डे .. ५३१ "
८. वागे छे रे, वागे छे, वृन्दावन मुरली, बागे छे ५३२ २९३
नाथ-प्रभाव द्योतक पद
राजस्थानी में प्राप्त पद
१ जावा दे जावा दे. जोगी किसका मीत ५३३ २९५
२ जोगिया जी छाइ रह्यो परदेस ५३४ "