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मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)

Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary

भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा

DevanagariRajasthanipublished365 पृष्ठ

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२०
३४ उठानी मोरे आलो रे, गागरिया बेढ़ा ढल से ४९० "
३५ ज्ञान कटारी मारी, अमने प्रेम कटारी मारी ४९१ २७१
३६ राखो रे श्याम हरि लज्जा मोरी . ४९२ "
३७ ओ आवे हरि हसता सजनी, ओ आवे हरि हसता ४९३ "
३८ दव तो लागेल डुंगर मे, कहो ने ओधा जी ४९४ २७२
३९ जाण्यूं जाण्यूं हेत तमारूँ जदवारे लोल ४९५ "
राधा वर्णन
राजस्थानी में प्राप्त पद
१ मोहन जावो कठे साँवरियाँ, मोहन जावो कठे ४९६ २७५
(१) जावो कठे रे रामा, रहवो अठे साँवरियोयाँ " -
२ आली ! म्हाँने लागे बृन्दाबन नीको ४९७ २७६
३ उधो ! म्हाँने लागे वृन्दावन नीको रे ४९८ "
मिश्रित भाषाओं में प्राप्त पद
१ आवत मोरी गलियन मे गिरधारीँ ४९९ २७७
२ थाने कुब्जा ही मन मानी, हम सो न बोलना हो राज ५०० '
(१) थॉरे कुब्जा ही मन मानी, म्हाँसूं अनबोलना " २७८
(२) थॉके दासी ही मनमानी, म्हाँ से अनबोलना २७९
ब्रजभाषा में प्राप्त पद
१ तेरो कान्ह कालो हो माई, मेरी राधा गोरी हो ५०१ "
२ झूलत राधा सग गिरधारी ५०२ २८०
• (१) झूलत राधा सग गिरिधारी "
३ चलो ब्रज की नारी, सखी, नन्द पौरी ठाढे मुरारी . ५०३ २८१
• (१) होरी खेलन चलो ब्रजनारी, सखि नन्द पौरि "
४ कैसे आवो हो नन्दलाल तेरी ब्रज नगरी ५०४ २८२
५ हमरो प्रणाम बाँके बिहारी को ५०५ "
६. झट द्यो मेरो चीर रे मोरारी रे ५०६ "
गुजराती में प्राप्त पद
१ वारो यशोदा तारा दानी ने . •५०७ २८३
२ बोले झीणा मोर, राधे तारा डुँगरिया पर बोले ५०८ "
३ काहानो माग्यो दे, धुतारो भाग्यो दे .. ५०९ २८४°