मीराँ बृहद् पदावली (भक्त शिरोमणि मीराबाई - सम्पूर्ण पद सटीक)
Meera Brihad Padavali with Hindi Commentary
भक्त शिरोमणि मीराबाई / डॉ. मुरलीधर श्रीवास्तव द्वारा
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संदर्भ में पढ़ें३
४ जावो हरि निरमोहिडा, जाणी थॉरी प्रीत . ३२ ३२
५. थॉने काँई कांई कह समझावूँ, म्हाँरा बाल्हा गिरधारी ३३ ३३
६. गिरधर, दुनियाँ दे छै वोल . ३४ ,,
(१) गिरधर, दुनियाँ दे छै बोल . .. ,,
(२) गिरधर, दुनियाँ दे छै बोल . .. .. ३४
७ अपने करम को छै दोस, काकूं दीजै उधो .. ३५ ,,
(१) अपणा करम ही का खोट, दोष कोई दीजै री . ,,
(२) सखी आपणाँ स्याम खोटा, दोष नही कुबज्या मे .. ३५
(३) कछु दोष नही कुबज्या ने, बिरी अपना स्याम खोटा .. ,
८ निरमोहिडा नेह न जोडे छै . . ३६ ३६
९ माई ! मेरा पिया बिन अलूणो देस ३७ ,,
१०. नातो हरि नाँव को माई, मोसूं तनक न बिसरयो जाई ३८ ,,
(१) नातो नाम को रे मोसूं, तनक न तोडयो जाय . ३७
११ तै दरद नहि जान्यूँ, सुनि रै वैद अनारी .. ... ३९ ३८
१२ रमैया बिन मोसूं रह्यो न जाय .. ४० ,,
१३ पिय बिन रह्यो न जाइ ... ४१ ३९
१४ रै पपइया प्यारे कब को बैर चितार्यो . ४२ ,,
१५ तुम देख्या बिन कल न पड़त है ... .. ४३ ,,
(१) कृष्ण मेरे नजर के आगे ठाढो रहो रे .. ,,
१६ म्हाँरो मनडो लाग्यो हरि सूं, मे अरज करूँ अतर सूं ४४ ४०
१७ म्होरो मन मोह्यो छै जी स्याम सुजाण . . ४५ ,,
१८ बाई, म्हॉने रावल भेष .. . ४६ ,,
(१) बाई, थाराँ नैन रावल भेख . .
(२) बाई, म्हाँरि नैन रावल भेख .. ४१
१९ डाल गयो रे गल मोहन फाँसी .. . ४७ ,,
(१) डारि गयो मन मोहन फॉसी . .. ,,
२०. ओलूंडी लगाय गयो है ब्रज को वासी, कब मिलि जासी हे ४८ ४२
२१. ओलू थारी आवे हो महाराज अविनासी ... ४९ ,,
२२ परम सनेही राम की नित ओलूूं री आवै . ५० ४२
२३. सांवरियाँ, मोरे नैणा आगे रहिज्यो जी .. . ५१ ४३
२४ सांवरियाँ, म्हाँरी प्रीतडली निभाज्यो ... ५२ ,,
२५. घड़ी एक नंही आवडे तुम दरसण बिन मोय ५३ ४४
२६. को विरहणि को दुख जाणै हो . .. ५४ ,,
२७ रमैया बिन नीद न आवै . ... ... ५५ ४५